संसद में गतिरोध पर खरगे का PM मोदी-शाह पर हमला
- sakshi choudhary
- 10 Aug, 2026
संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब देने से बच रही है और इसी वजह से दोनों सदनों का कामकाज लगातार प्रभावित हो रहा है। खरगे के मुताबिक, विपक्ष की मांग बेहद स्पष्ट है कि गृह मंत्री अमित शाह 20 जुलाई को पेपर लीक के मुद्दे पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस ज्यादती और छात्रों के साथ हुए व्यवहार को लेकर संसद में बयान दें। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि विपक्ष पिछले 17 दिनों से इस मुद्दे पर गृह मंत्री के बयान और चर्चा की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार इस पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार दूसरे मुद्दों पर संसद में बयान दे सकती है, तो छात्रों और युवाओं से जुड़े इस मामले पर जवाब देने से क्यों बच रही है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद में बने गतिरोध के लिए सीधे प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है और विपक्षी सांसदों को अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका नहीं दिया जा रहा। खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी पर संसद की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सदन में जवाब देने के बजाय प्रधानमंत्री सोशल मीडिया पर सक्रिय नजर आते हैं। उन्होंने इसे सांसदों और जनता का अपमान बताया। खरगे ने यह भी दावा किया कि विपक्ष के बोलने पर सदन में हंगामा कराया जाता है और कार्यवाही स्थगित हो जाती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अगर सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं देना चाहती तो उसे सदन में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से बयान देने या फिर इस्तीफा देने तक की मांग कर दी।
दरअसल, संसद के मानसून सत्र में 20 जुलाई से ही पेपर लीक के मुद्दे पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। विपक्ष का कहना है कि छात्रों के साथ कथित अन्याय और ज्यादती पर गृह मंत्री अमित शाह को सदन में बयान देना चाहिए। दूसरी तरफ, सत्ता पक्ष का आरोप है कि विपक्ष जानबूझकर संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है। इस राजनीतिक टकराव के बीच लोकसभा और राज्यसभा में लगातार हंगामा देखने को मिल रहा है और कई विधायी कामकाज भी शोर-शराबे के बीच आगे बढ़ रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत से संसद का गतिरोध खत्म होगा या मानसून सत्र के बाकी दिनों में भी सियासी टकराव जारी रहेगा?
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