Public Exam Reforms: देश की परीक्षा व्यवस्था में होंगे बड़े सुधार? हाई-पावर्ड टास्क फोर्स ने मांगे सुझाव, 13 सितंबर तक मौका
- sakshi choudhary
- 04 Sep, 2026
देश की सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, मजबूत और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में हाई-पावर्ड टास्क फोर्स (HPTF) ने अहम पहल शुरू की है। टास्क फोर्स ने छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और आम नागरिकों से परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सुझाव और सिफारिशें मांगी हैं। इसका उद्देश्य मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया की कमियों को समझना और ऐसे सुधारों की दिशा तय करना है, जिससे परीक्षाएं अधिक भरोसेमंद और पारदर्शी बन सकें। टास्क फोर्स का मानना है कि परीक्षा व्यवस्था से सीधे जुड़े छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के अनुभव इस पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। लोगों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर परीक्षा प्रणाली में जरूरी बदलावों और सुधारों को लेकर आगे की रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी।
हाई-पावर्ड टास्क फोर्स ने समाज के अलग-अलग वर्गों को सुझाव देने का मौका दिया है। इसमें छात्र, अभिभावक, शिक्षक और आम नागरिक शामिल हैं। इच्छुक लोग परीक्षा प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए अपने रचनात्मक सुझाव और सिफारिशें भेज सकते हैं। सुझाव भेजने के लिए कई माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़ सकें। आधिकारिक वेबसाइट examreforms-taskforce.dopt.gov.in के माध्यम से सुझाव दिए जा सकते हैं। इसके अलावा ExamReformsTaskforce@dopt.gov.in पर ईमेल भेजने की सुविधा भी उपलब्ध है। WhatsApp के जरिए सुझाव भेजने के लिए +91 7827042830 नंबर पर “hptf” लिखकर भेजना होगा। वहीं, लोगों की सहायता के लिए 1800-180-4747 टोल-फ्री हेल्पलाइन भी उपलब्ध कराई गई है। इस पहल के जरिए परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अलग-अलग अनुभवों और सुझावों को एक जगह लाने की कोशिश की जा रही है।
सुझाव और सिफारिशें भेजने की अंतिम तारीख 13 सितंबर 2026 तय की गई है। यानी छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और आम नागरिकों के पास अपनी राय रखने के लिए सीमित समय है। टास्क फोर्स की इस पहल का उद्देश्य ऐसी सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है, जो पारदर्शिता, मजबूती और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए काम करे। परीक्षा प्रक्रिया में होने वाली समस्याओं, व्यवस्थागत कमियों और सुधार की संभावनाओं को लेकर जिन लोगों के पास व्यावहारिक अनुभव हैं, वे अपने सुझाव निर्धारित माध्यमों से भेज सकते हैं। खास तौर पर छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया परीक्षा प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि 13 सितंबर तक मिलने वाले सुझावों के आधार पर देश की सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था में किस तरह के बदलावों की सिफारिश की जाती है।