Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ग्रेटर नोएडा: ग्राम छपरौला में जीएनआईडीए के स्वच्छता कर्मियों को मिला ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का प्रशिक्षण ● पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट में सुरक्षा को लेकर सक्रिय हुए निवासी, DCP और ADM को सौंपा ज्ञापन, पुलिस कार्रवाई की सराहना ● बारिश में जलभराव पर सिर्फ प्राधिकरण नहीं, नागरिकों की भी है बराबर जिम्मेदारी ● यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 77,007 पौधों का रोपण, स्कूली बच्चों ने भी लिया हिस्सा ● ग्रेटर नोएडा सेक्टर-36 RHO-1 में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत हुआ वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश ● नोएडा में विदेशी नागरिकों से Cyber Fraud करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, Bisrakh Police ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार ● नोएडा सेक्टर-2 में फर्जी Loan Call Center का भंडाफोड़, करोड़ों की Cyber Fraud करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार ● ग्रेटर नोएडा के कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी जांच शुरू, मानक पूरे न करने पर सीलिंग की चेतावनी ● ग्रेटर नोएडा में सफाई व्यवस्था होगी और मजबूत, 3000 नए सफाई कर्मियों की होगी तैनाती ● UP Panchayat News: जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, ब्लॉक प्रमुखों पर भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था

Women’ s Day 2025: महिलाओं के जीवन के विभिन्न चरणों में स्वास्थ्य को ना करें अनदेखा! इन बातों को जानना बेहद जरूरी

top-news

Women’s Day 2025: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को भारत में मनाया जाने वाला है। मगर इस से पहले, महिलाओं के जीवन के विभिन्न चरणों में स्वास्थ्य संबंधी मुख्य चुनौतियों को समझना आवश्यक है। किशोरावस्था से लेकर मातृत्व, रजोनिवृत्ति और उसके बाद तक, महिलाओं के शरीर में हार्मोनल और शारीरिक परिवर्तन होते हैं, जो कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देते हैं। डॉ. शेली (मित्तल) महाजन, लैब डायरेक्टर, महाजन इमेजिंग लैब्स, कहती हैं, “नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और समय पर चिकित्सा परामर्श से महिलाएं अपनी सेहत की सुरक्षा कर सकती हैं।” आइए जानते है पूरी खबर। अधिक जानकारी के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े।

Women’s Day 2025: किशोरावस्था से मातृत्व तक इन बिमारियों से हो सकते परेशान

किशोरावस्था में लड़कियों को पीरियड्स में अनियमितता, हेवी ब्लीडिंग, पीसीओएस जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। इस दौरान एनीमिया और हड्डियों की कमजोरी भी आम होती है। महिलाओं को इस उम्र में हीमोग्लोबिन, विटामिन डी और कैल्शियम की जांच करवानी चाहिए। मातृत्व के दौरान हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी, गर्भकालीन मधुमेह, प्री-एक्लेम्पसिया जैसी समस्याएँ देखी जाती हैं। डॉ. नैन्सी नागपाल, सलाहकार स्त्री रोग विशेषज्ञ, सलुब्रिटास मेडसेंटर, कहती हैं, “इस दौरान रक्त परीक्षण, पैप स्मीयर, स्तन कैंसर जांच और हॉर्मोनल प्रोफाइल टेस्ट ज़रूरी हैं।”

मेनोपॉज़ और उसके बाद का स्वास्थ्य बेहद आवश्यक

इसके अलावा Women’s Day 2025 के मौके पर बात अगर महिलाओं की करें तो मेनोपॉज़ से पहले महिलाएं अनियमित मासिक धर्म, हड्डियों की कमजोरी, वजन बढ़ना और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं का सामना करती हैं। इस दौरान बोन डेंसिटी टेस्ट, शुगर और थायरॉइड जांच आवश्यक है। रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में दिल की बीमारियाँ, अल्जाइमर और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। नियमित हृदय परीक्षण, कोलेस्ट्रॉल और कोलोनोस्कोपी जांच महिलाओं के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जीवन के हर चरण में जागरूकता और नियमित जांच से महिलाएं स्वस्थ जीवन जी सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *