Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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क्या है PHP? सुरक्षा खामी से 70% वेबसाइटों पर मंडराया खतरा, ब्रिटेन ने क्यों दी 72 घंटे का राशन रखने की सलाह?

इंटरनेट पर दुनिया भर की वेबसाइटों को लेकर एक गंभीर साइबर सुरक्षा चिंता सामने आई है। वेबसाइट बनाने और चलाने में इस्तेमाल होने वाली प्रोग्रामिंग भाषा PHP में दो सुरक्षा खामियों का पता चला।
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इंटरनेट पर दुनिया भर की वेबसाइटों को लेकर एक गंभीर साइबर सुरक्षा चिंता सामने आई है। वेबसाइट बनाने और चलाने में इस्तेमाल होने वाली प्रोग्रामिंग भाषा PHP में दो सुरक्षा खामियों का पता चला। आशंका थी कि इनका फायदा उठाकर हैकर वेबसाइटों के सर्वर तक पहुंच सकते हैं और संवेदनशील जानकारी चुरा सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जिन वेबसाइटों में इस्तेमाल होने वाली तकनीक की पहचान की जा सकी, उनमें करीब 69.3 फीसदी PHP का इस्तेमाल करती हैं। मामले के सामने आने के बाद कई देशों में सरकारी और सार्वजनिक वेबसाइटों की सुरक्षा जांच की गई। कुछ संस्थानों ने एहतियात के तौर पर अपनी ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दीं। इसी बीच ब्रिटेन में लोगों को घर पर तीन दिन यानी 72 घंटे तक काम आने वाला जरूरी सामान रखने की सलाह चर्चा में आ गई। लेकिन क्या यह सलाह सिर्फ साइबर हमले के खतरे के कारण दी गई है? PHP क्या है और इसकी सुरक्षा खामी से आम लोगों को क्या नुकसान हो सकता था? आइए आसान भाषा में समझते हैं।


क्या है PHP और इसमें कैसी खामी मिली?

PHP एक प्रोग्रामिंग भाषा है, जिसका इस्तेमाल वेबसाइटों और ऑनलाइन सेवाओं को चलाने के लिए किया जाता है। आसान शब्दों में कहें तो वेबसाइट का जो हिस्सा हमें स्क्रीन पर दिखाई देता है, उसके पीछे कई तकनीकी प्रक्रियाएं काम करती हैं। PHP ऐसी ही प्रक्रियाओं में मदद करती है। WordPress, Drupal और Joomla जैसे वेबसाइट प्लेटफॉर्म भी PHP का इस्तेमाल करते हैं। वेबसाइटों के तकनीकी इस्तेमाल पर नजर रखने वाली संस्था W3Techs के अनुमान के मुताबिक, जिन वेबसाइटों की तकनीक की पहचान हो सकी, उनमें लगभग 69.3 फीसदी PHP का उपयोग करती हैं। इसलिए इस भाषा में गंभीर सुरक्षा समस्या सामने आने पर बड़ी संख्या में वेबसाइटों पर खतरे की आशंका पैदा हो सकती है।


रिपोर्ट में बताई गई दो खामियां कंप्यूटर की मेमोरी संभालने और प्रोग्राम में त्रुटि आने पर उसे नियंत्रित करने की प्रक्रिया से जुड़ी थीं। मेमोरी वह जगह है, जहां कंप्यूटर काम करते समय जरूरी जानकारी अस्थायी रूप से रखता है। इन प्रक्रियाओं में मौजूद कमी का फायदा उठाकर हमलावर कुछ परिस्थितियों में वेबसाइट के सर्वर पर बिना अनुमति निर्देश चलाने की कोशिश कर सकते थे। ऐसा होने पर सर्वर में मौजूद फाइलों, संवेदनशील आंकड़ों और दूसरी डिजिटल सेवाओं तक पहुंचने का खतरा पैदा हो सकता है। साइबर सुरक्षा कंपनी Hadrian ने इन कमजोरियों के संभावित दुरुपयोग से जुड़े प्रयासों को PHP-to-Shell नाम दिया।


AI ने कैसे खोजीं खामियां और खतरा क्यों बढ़ा?

PHP Foundation ने अपने सॉफ्टवेयर कोड की जांच में AI आधारित उपकरणों की मदद ली। इसमें Anthropic के AI मॉडल की सहायता भी शामिल थी। PHP को OpenAI के Patch the Planet कार्यक्रम में भी शामिल किया गया, जिसके तहत सॉफ्टवेयर की सुरक्षा कमजोरियों को खोजने और उन्हें ठीक करने पर काम किया जाता है।

AI बड़ी मात्रा में कोड का विश्लेषण करके उन हिस्सों की पहचान करने में मदद कर सकता है, जहां गलती या सुरक्षा कमजोरी होने की आशंका हो। हालांकि, किसी संभावित समस्या की पुष्टि करने, उसका असर समझने और उसे ठीक करने के लिए सुरक्षा विशेषज्ञों की भूमिका भी जरूरी होती है।

इस मामले में चिंता तब बढ़ी, जब रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा खामियों से जुड़े पहचान नंबर तय सार्वजनिक खुलासे से पहले ही इंटरनेट पर फैलने लगे। इससे वेबसाइट संचालकों के पास अपडेट लगाने के लिए उपलब्ध समय कम होने की आशंका पैदा हुई। Amazon की साइबर खतरा खुफिया टीम ने भी आधिकारिक खुलासे से पहले एक हमले की कोशिश दर्ज किए जाने की जानकारी दी थी। हालांकि, किसी हमले की कोशिश दर्ज होना और किसी वेबसाइट को सफलतापूर्वक हैक कर लेना दो अलग बातें हैं। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट नहीं था कि हमलावरों को खामियों की जानकारी पहले कैसे मिली। इन कमजोरियों का फायदा उठाकर हमलावर संवेदनशील डेटा चुराने, वेबसाइट या ऑनलाइन सेवाओं में बाधा डालने और किसी नेटवर्क के दूसरे हिस्सों तक पहुंचने की कोशिश कर सकते थे। लेकिन हर संभावित खतरे का मतलब यह नहीं कि सभी प्रभावित वेबसाइटें हैक हो गई थीं।


ब्रिटेन ने 72 घंटे का जरूरी सामान रखने की सलाह क्यों दी?

ब्रिटेन सरकार के 'Be Ready' अभियान के तहत लोगों को घर में कम से कम तीन दिन यानी 72 घंटे तक काम आने वाला जरूरी सामान रखने की सलाह दी गई है। इसमें भोजन, पीने का पानी और जरूरत के मुताबिक दूसरी बुनियादी चीजें शामिल हो सकती हैं।

यह सलाह केवल PHP की सुरक्षा खामी या साइबर हमलों तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य खराब मौसम, बिजली या दूसरी जरूरी सेवाओं में रुकावट और अन्य आपात स्थितियों के दौरान लोगों को कुछ समय तक अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए तैयार रखना है।

आज बैंकिंग, खरीदारी, सरकारी सेवाओं और रोजमर्रा के कई काम इंटरनेट पर निर्भर हैं। अगर किसी बड़े साइबर हमले के कारण डिजिटल सेवाएं प्रभावित होती हैं, तो कुछ लोगों को जरूरी कामों में परेशानी हो सकती है। हालांकि, PHP की खामी सामने आने का यह मतलब नहीं था कि पूरे ब्रिटेन में राशन की कमी होने वाली थी या लोगों को तुरंत खरीदारी करनी चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र ने वेबसाइट संचालकों को चेतावनी संदेश भेजे, ताकि वे अपने सिस्टम की जांच कर सुरक्षा अपडेट लगा सकें। नीदरलैंड, डेनमार्क और फ्रांस समेत कुछ देशों में भी कई सार्वजनिक वेबसाइटों या सेवाओं की जांच की गई और कुछ को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से बंद किया गया।


वेबसाइट संचालकों और आम यूजर्स को क्या करना चाहिए?

वेबसाइट चलाने वाली कंपनियों और संस्थानों के लिए सबसे जरूरी कदम यह पता लगाना है कि उनके कौन-कौन से सर्वर PHP का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बाद आधिकारिक सुरक्षा अपडेट लागू करना, सर्वर की गतिविधियों पर नजर रखना और किसी संदिग्ध गतिविधि की जांच करना जरूरी है। जिन सिस्टम को तुरंत सुरक्षित नहीं किया जा सकता, उन्हें जोखिम का आकलन करके अस्थायी रूप से अलग करना पड़ सकता है। आम इंटरनेट यूजर्स को घबराने की जरूरत नहीं है। वे अपने डिवाइस और ऐप्स अपडेट रखें, मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड इस्तेमाल करें, जहां संभव हो बहु-स्तरीय सुरक्षा चालू करें और संदिग्ध लिंक या संदेशों से सावधान रहें। यदि किसी वेबसाइट या ऑनलाइन सेवा में समस्या आती है, तो उसकी आधिकारिक सूचना देखें।