Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Police Commissioner Lakshmi Singh ने लॉन्च किया Operation Invictus, Special Need बच्चों पर रहेगा खास फोकस

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने Special Need बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए “Operation Invictus (ऑपरेशन अपराजेय)” की शुरुआत की है। पुलिस आयुक्त कार्यालय, सेक्टर-108 स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए Special Need बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, सेवा भाव और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य ऐसे बच्चों के लिए एक मजबूत और निरंतर सहयोग प्रणाली विकसित करना है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें त्वरित और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सके। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि यह पहल गौतमबुद्धनगर से शुरू की गई है और भविष्य में देशभर के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित हो सकती है।
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गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने Special Need बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए “Operation Invictus (ऑपरेशन अपराजेय)” की शुरुआत की है। पुलिस आयुक्त कार्यालय, सेक्टर-108 स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए Special Need बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, सेवा भाव और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य ऐसे बच्चों के लिए एक मजबूत और निरंतर सहयोग प्रणाली विकसित करना है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें त्वरित और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सके। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि यह पहल गौतमबुद्धनगर से शुरू की गई है और भविष्य में देशभर के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित हो सकती है।


कार्यशाला में इस बात पर विशेष चर्चा की गई कि वर्तमान समय में बड़ी संख्या में माता-पिता नौकरीपेशा होने के कारण बच्चों की देखभाल के लिए केयर टेकर पर निर्भर रहते हैं। हालांकि, कई मामलों में केयर टेकर द्वारा लापरवाही या बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार की घटनाएं सामने आती हैं, जो गंभीर चिंता का विषय हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने ऐसे परिवारों की पहचान करने और उनके साथ नियमित संपर्क बनाए रखने की रणनीति तैयार की है। मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से Special Need बच्चों वाले परिवारों का डेटा एकत्र किया जाएगा तथा केयर टेकर के सत्यापन के दौरान उनके व्यवहार, मानसिक स्थिति और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता का भी मूल्यांकन किया जाएगा। इसके साथ ही ऐसे मामलों का एक व्यापक डेटाबेस तैयार कर पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।


कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों को Special Need बच्चों की मनोवैज्ञानिक और व्यवहारिक आवश्यकताओं को समझने के लिए विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन साइंसेज (AIRS) की डीन प्रो. (डॉ.) जयंती पुजारी, डॉ. अनुसूया के. यादव और डॉ. राम शंकर सक्सेना सहित अन्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे। उन्होंने संवेदनशील पुलिसिंग, बच्चों की सुरक्षा और उनके संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र और पुलिस उपायुक्त महिला सुरक्षा सुनीति भी मौजूद रहीं। अधिकारियों ने इस पहल को Special Need बच्चों की सुरक्षा और समाज में उनके अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

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