Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Noida News: हर बच्चे में छिपी प्रतिभा को पहचानना शिक्षक का पहला कर्तव्य

शिक्षा का उद्देश्य केवल बच्चों को किताबों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की सही दिशा देना भी है। शिक्षक और प्रधानाचार्य का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व है कि वे प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानें और उसे सही मंच देकर निखारें।
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शिक्षा का उद्देश्य केवल बच्चों को किताबों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन की सही दिशा देना भी है। शिक्षक और प्रधानाचार्य का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व है कि वे प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानें और उसे सही मंच देकर निखारें। राजकीय हाई स्कूल छिजारसी की प्रधानाचार्य रेखा कन्नौजिया का कहना है कि हर बच्चा अपनी अलग क्षमता और प्रतिभा के साथ आगे बढ़ता है। ऐसे में शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार, अनुशासित और आदर्श नागरिक बनाने की दिशा में भी काम करना जरूरी है। बच्चों के सर्वांगीण विकास में अभिभावकों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। माता-पिता और शिक्षकों के बीच नियमित संवाद और सहभागिता से बच्चों की रुचियों, क्षमताओं और चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।


विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में हिस्सा लेने के अवसर दिए जा रहे हैं। गणित, विज्ञान, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पर्यावरण संरक्षण जैसी गतिविधियां बच्चों के आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच को बढ़ाने में मदद करती हैं। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और टीमवर्क सीखने का अवसर मिलता है। बदलते डिजिटल दौर को देखते हुए विद्यालय में आईसीटी लैब जैसी तकनीकी सुविधाओं का भी उपयोग किया जा रहा है। इससे छात्रों को तकनीकी ज्ञान हासिल करने और आधुनिक समय की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने में मदद मिल रही है। शिक्षा के साथ तकनीकी समझ और व्यावहारिक ज्ञान आज विद्यार्थियों के भविष्य के लिए बेहद जरूरी हो गया है।


गुरु मंत्र के तौर पर मेहनत, अनुशासन और बड़ों का सम्मान विद्यार्थियों की सफलता की मजबूत नींव माने जाते हैं। एक अच्छा शिक्षक वही है जो बच्चों की कमियों को समझते हुए उनकी खूबियों को सामने लाए और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे। बच्चों को केवल अच्छे अंक हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी तैयार किया जाना चाहिए। इसके लिए विद्यालय, शिक्षक और अभिभावक तीनों का सहयोग आवश्यक है। जब शिक्षक बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देते हैं और परिवार उनका साथ देता है, तो विद्यार्थी अपनी क्षमता का बेहतर इस्तेमाल कर जीवन में सफलता हासिल कर सकते हैं। यही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य और एक शिक्षक का सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य है।

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