Cyber Crime: मुनाफे के लालच में रिटायर्ड नेवी अफसर से 2.23 करोड़ की ठगी
- sakshi choudhary
- 31 Jul, 2026
साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला नोएडा से सामने आया है, जहां साइबर अपराधियों ने शेयर बाजार में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 73 वर्षीय सेवानिवृत्त नेवी अधिकारी से 2.23 करोड़ रुपये ठग लिए। जालसाजों ने खुद को प्रतिष्ठित ब्रोकरेज कंपनी अपस्टॉक्स (Upstox) का प्रतिनिधि बताया और व्हाट्सएप के जरिए पीड़ित से संपर्क किया। ठगों ने कंपनी का लोगो लगाकर ट्रेडिंग अकाउंट खोलने का ऑफर भेजा और ऑनलाइन फॉर्म भरवाया। इसके बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो लेकर ऑनलाइन KYC प्रक्रिया पूरी कराई गई। भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में छोटे निवेश पर फर्जी मुनाफा भी दिखाया गया।
पीड़ित के अनुसार, 15 जून से 21 जुलाई 2026 के बीच उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2.23 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। जब उन्होंने अपने निवेश में से करीब 1.85 करोड़ रुपये निकालने की कोशिश की, तो साइबर ठगों ने निकासी से पहले 62.51 लाख रुपये सर्विस फीस के नाम पर जमा करने को कहा। पीड़ित ने यह रकम भी जमा कर दी, लेकिन इसके बावजूद पैसा वापस नहीं मिला। इसके बाद उन्हें ठगी का शक हुआ। सच्चाई पता करने के लिए वह 27 जुलाई को मुंबई स्थित अपस्टॉक्स के कार्यालय पहुंचे। वहां कंपनी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कंपनी के नाम और लोगो का दुरुपयोग कर साइबर अपराधी लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसके बाद पीड़ित ने नोएडा साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब उन सभी बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें रकम ट्रांसफर की गई।
साइबर विशेषज्ञ और पूर्व आईपीएस प्रो. त्रिवेणी सिंह के मुताबिक, हाल के महीनों में फर्जी ट्रेडिंग ऐप और ऑनलाइन निवेश के नाम पर साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। अपराधी प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम और लोगो का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीतते हैं और फिर नकली ऐप पर निवेश की रकम और फर्जी मुनाफा दिखाते हैं। ऐसे मामलों से बचने के लिए किसी भी व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया लिंक से ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड नहीं करना चाहिए। निवेश से पहले यह जरूर जांचें कि संबंधित प्लेटफॉर्म SEBI से पंजीकृत है या नहीं। अत्यधिक मुनाफे का दावा करने वाले ऑफर से सावधान रहें और अगर पैसा निकालने के लिए अलग से सर्विस फीस या टैक्स मांगा जाए तो तुरंत सतर्क हो जाएं। साइबर ठगी होने पर बिना देरी 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *