Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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भाकियू अराजनैतिक से चार गांवों के किसानों ने बनाई दूरी, बोले- अब खुद लड़ेंगे अपने मुद्दों की लड़ाई

भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक संगठन से ऐंच्छर, मायचा, डाबरा और बिरोंडा गांव के किसानों के एक समूह ने अलग होने की घोषणा की है।
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भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक संगठन से ऐंच्छर, मायचा, डाबरा और बिरोंडा गांव के किसानों के एक समूह ने अलग होने की घोषणा की है। मंगलवार को सेक्टर अल्फा-1 स्थित प्रेस क्लब ऑफ भारत में आयोजित प्रेसवार्ता में किसानों ने संगठन की कार्यशैली और पिछले कुछ वर्षों में किसान मुद्दों को लेकर किए गए प्रयासों पर सवाल उठाए। किसानों ने कहा कि अब वे संगठन से अलग रहकर अपने स्थानीय मुद्दों और अधिकारों को लेकर आगे की रणनीति तैयार करेंगे।


किसान नेता विजय भाटी मायचा ने कहा कि किसानों ने अपने स्तर पर खर्च कर गौतमबुद्ध नगर में ट्रैक्टर मार्च निकाला और चार से पांच पंचायतों का आयोजन भी किया। उनके अनुसार, इन कार्यक्रमों में संगठन की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। वहीं किसान नेता विक्रम भाटी ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ करीब सात महीने चले आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे आंदोलन के बावजूद किसानों की मांगों को लेकर अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके। किसानों ने पिछले तीन वर्षों में किसान मुद्दों पर हुई प्रगति को लेकर भी सवाल उठाए।

किसानों ने कहा कि फिलहाल वे किसी अन्य किसान संगठन में शामिल नहीं होंगे। उनका कहना है कि अब गांव स्तर पर किसानों को एकजुट कर अपने अधिकारों और स्थानीय समस्याओं की लड़ाई खुद लड़ेंगे। अनिल नागर ने बताया कि जल्द ही एक और प्रेसवार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें किसान नेताओं और विभिन्न किसान संगठनों की कार्यशैली को लेकर किसानों की ओर से अपनी बात रखी जाएगी। प्रेसवार्ता में विजय भाटी मायचा, डॉ. फकीरचंद पाल, विनोद भाटी, विक्रम भाटी, आशीष नागर, सुनील भाटी, ललित भाटी, अनिल नागर और यासीन खान समेत अन्य किसान मौजूद रहे।