Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण पर सख्ती, निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन और ग्रीन शीट अनिवार्य

ग्रेटर नोएडा में बढ़ते वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने निर्माण स्थलों, सड़कों और कूड़ा प्रबंधन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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ग्रेटर नोएडा में बढ़ते वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने निर्माण स्थलों, सड़कों और कूड़ा प्रबंधन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में खराब वायु गुणवत्ता को देखते हुए परियोजना, उद्यान और स्वास्थ्य विभाग को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के लिए कहा गया है। प्राधिकरण के मुताबिक सड़कों, रोड साइड पटरी, पाथ-वे और सेंट्रल वर्ज पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाएगा। सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग के जरिए सफाई की जाएगी, ताकि धूल के कण हवा में न फैलें। निर्माणाधीन साइटों पर मजबूत बैरिकेडिंग के साथ पर्याप्त संख्या में एंटी-स्मॉग गन लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निर्माण सामग्री और निर्माणाधीन भवनों को ग्रीन शीट से ढकना और लगातार पानी का छिड़काव करना अनिवार्य किया गया है। महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह ने बताया कि सीएक्यूएम के निर्देशों के अनुसार सड़कों और रोड साइड पटरी की धुलाई संबंधित सिविल वर्क सर्किल तथा सेंट्रल वर्ज और पेड़ों की धुलाई उद्यान विभाग द्वारा कराई जाएगी।


प्राधिकरण ने खुले में कूड़ा और अन्य सामग्री जलाने पर भी सख्ती के निर्देश दिए हैं। खुले में कूड़ा, गार्डन वेस्ट, प्लास्टिक, सूखी घास, पत्ते या लकड़ी जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य और उद्यान विभाग की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि आगजनी की स्थिति में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके साथ ही निर्माण एवं विध्वंस यानी C&D Waste के निस्तारण को लेकर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। प्राधिकरण ने निर्देश दिए हैं कि निर्माण स्थलों से निकलने वाले C&D Waste को तत्काल उठाकर निर्धारित कलेक्शन सेंटर या C&D Waste Processing Plant तक पहुंचाया जाए। कचरा ले जाने वाले वाहनों को तिरपाल से पूरी तरह ढकना अनिवार्य होगा, ताकि रास्ते में धूल और मलबा न गिरे।

ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में निर्माणाधीन परियोजनाओं का सर्वे कर प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। इसके अलावा क्षेत्र में संचालित आरएमसी और हॉट मिक्स प्लांटों का भी निरीक्षण किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और जुर्माना वसूला जाएगा। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ एफआईआर और सीलिंग जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। प्राधिकरण के इन निर्देशों का उद्देश्य निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, खुले में कचरा जलाने और C&D Waste के अनुचित निस्तारण पर रोक लगाकर ग्रेटर नोएडा में वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखना है।