Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक में लिए गए अहम निर्णय

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक में किसानों, ग्रामीण आबादी, युवाओं, बिजली व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक में किसानों, ग्रामीण आबादी, युवाओं, बिजली व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य किसानों को राहत देना, भूमि आवंटन की प्रक्रिया आसान बनाना और शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। बैठक में कुल सात प्रमुख फैसले सामने आए, जिनका असर ग्रेटर नोएडा के किसानों, स्थानीय निवासियों और उद्योगों पर पड़ सकता है।



किसानों को 64.7% अतिरिक्त मुआवजा और आबादी भूखंड का लाभ


प्राधिकरण ने आपसी सहमति से जमीन देने वाले किसानों को भी अधिग्रहण के समान सुविधाएं देने का निर्णय लिया है। इसके तहत 5,725 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर वाला विकल्प चुनने वाले भू-स्वामियों को 6 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ मिलेगा। वहीं, 6,415 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर वाला विकल्प चुनने वालों को यह लाभ नहीं मिलेगा। यह व्यवस्था 27 अगस्त 2026 के बाद होने वाले भूमि अधिग्रहण पर लागू होगी।

इसके अलावा, वर्ष 2002 से 2013 के बीच भूमि अधिग्रहण या क्रय से प्रभावित ऐसे 533 किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है, जिन्हें अब तक इसका लाभ नहीं मिला था। इससे लंबे समय से अतिरिक्त मुआवजे की मांग कर रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

आबादी भूखंड आवंटन के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब पात्रता के दायरे में किसान के परिवार के साथ सास-ससुर को भी शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य जमीन हस्तांतरण से जुड़े मामलों में पात्र परिवारों को आबादी भूखंड के लाभ से वंचित होने से बचाना है। हालांकि, इसके लिए निर्धारित शर्तों और राजस्व अभिलेखों के आधार पर पात्रता तय होगी।

लीज डीड आसान, विस्थापित किसानों को भी राहत


ग्रामीण आबादी की जमीन के लीज बैक मामलों में किसानों को राहत देने के लिए जमा की जाने वाली धनराशि पर ब्याज माफी का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। लीज बैक का मतलब है कि निर्धारित नियमों के तहत अधिग्रहित जमीन के कुछ हिस्से को किसान के पक्ष में पट्टे पर वापस देने की व्यवस्था। इसके साथ ही किसानों के हिस्से का निर्धारण करके लीज डीड जारी करने की प्रक्रिया को भी मंजूरी दी गई है।

गाजियाबाद में न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर फैक्ट्री से एनएच-9 तक लिंक रोड निर्माण से प्रभावित किसानों के पुनर्वास के लिए ग्राम चिपियाना खुर्द उर्फ तिगरी में उपलब्ध 5.48 एकड़ जमीन पर लीज डीड कराने का प्रस्ताव मंजूर हुआ है। पात्र किसानों की दस्तावेजों की जांच के बाद लीज डीड का खर्च भी प्राधिकरण उठाएगा।

युवाओं को रोजगार और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सुविधाएं


युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देने के लिए सेक्टर ईकोटेक-1 में करीब आठ एकड़ जमीन पर सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र विकसित करने की योजना है। यहां तकनीकी और गैर-तकनीकी प्रशिक्षण, भाषा सीखने, प्लेसमेंट और हॉस्टल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। जमीन का निशुल्क आवंटन एमएसएमई विभाग की सहमति के बाद किया जाएगा।

ईकोटेक-1 एक्सटेंशन में पुलिस थाना बनाने के लिए ग्राम कासना क्षेत्र में 3,957 वर्गमीटर जमीन निशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। इससे औद्योगिक इकाइयों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

वहीं, ईकोटेक-10 में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए मौजूदा 132 केवी विद्युत उपकेंद्र को 220 केवी में अपग्रेड किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 226 करोड़ रुपये है। इसके लिए 8,945 वर्गमीटर जमीन उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड को निशुल्क उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इससे ईकोटेक-10, ईकोटेक-11, घंघोला और मायचा समेत आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों की भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

कुल मिलाकर, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक के फैसले किसानों के मुआवजे और पुनर्वास से लेकर रोजगार, सुरक्षा और बिजली आपूर्ति तक कई अहम क्षेत्रों को कवर करते हैं। हालांकि, कुछ फैसलों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शासन की मंजूरी, पात्रता सत्यापन और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।