Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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ग्रेटर नोएडा में 85 रेहड़ी-पटरी वालों को मिले वेंडिंग प्लेटफॉर्म, 12 सेक्टरों में बनाए गए हैं 769 प्लेटफॉर्म

शहर में रेहड़ी-पटरी लगाकर आजीविका चलाने वाले लोगों को अब सड़क किनारे दुकान लगाने की मजबूरी से राहत मिलने जा रही है।
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शहर में रेहड़ी-पटरी लगाकर आजीविका चलाने वाले लोगों को अब सड़क किनारे दुकान लगाने की मजबूरी से राहत मिलने जा रही है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शुक्रवार को 85 पात्र वेंडरों को वेंडिंग जोन में प्लेटफॉर्म आवंटित किए। प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह और एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने लाभार्थियों को आवंटन पत्र सौंपे। इस पहल का उद्देश्य छोटे कारोबारियों को रोजगार के लिए व्यवस्थित जगह उपलब्ध कराने के साथ शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है।


प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर वेंडिंग जोन में प्लेटफॉर्म आवंटित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत शहर के 12 सेक्टरों में कुल 769 प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं। इनमें बीटा-1, बीटा-2, सेक्टर-36, ओमीक्रॉन-1ए, ओमीक्रॉन-3, ज्यू-2, ज्यू-3, गामा-2, डेल्टा-1, डेल्टा-3, पाई-1 और पाई-2 शामिल हैं। शुक्रवार को आवंटित 85 प्लेटफॉर्म में भूमिहीन किसानों के साथ पुराने वेंडर भी शामिल हैं।

शेड, बिजली, पानी और शौचालय की सुविधा


वेंडिंग जोन में केवल प्लेटफॉर्म ही नहीं बनाए गए हैं, बल्कि वेंडरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शेड, बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है। इससे रेहड़ी-पटरी संचालक निर्धारित स्थान पर अपना कारोबार कर सकेंगे और उन्हें सड़क किनारे दुकान लगाने की परेशानी से राहत मिलेगी। प्राधिकरण के मुताबिक, बाकी पात्र लोगों को भी वेंडिंग जोन तैयार होने और प्लेटफॉर्म उपलब्ध होने के साथ आवंटन किया जाएगा।

एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने कहा कि इस पहल से जरूरतमंद लोगों को परिवार के भरण-पोषण के लिए रोजगार का व्यवस्थित माध्यम मिलेगा। वहीं, निर्धारित स्थान मिलने से सड़कों के किनारे होने वाले अतिक्रमण और यातायात संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।

आवंटन के बाद घोषित होंगे नो वेंडिंग जोन


प्राधिकरण के ओएसडी मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि जिन सेक्टरों में सभी वेंडिंग जोन आवंटित हो जाएंगे, वहां यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नो वेंडिंग जोन घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वेंडरों को कारोबार के लिए उचित जगह मिले और सड़कों पर यातायात भी सुचारु बना रहे।

आवंटन कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव सहित प्राधिकरण के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्राधिकरण की इस पहल से छोटे कारोबारियों को व्यवस्थित रोजगार स्थल मिलने के साथ शहर में अतिक्रमण और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर भी सुधार की उम्मीद है।