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यूपी में सख्त कार्रवाई: Minority Welfare Department के Joint Director Sheshnath Pandey बर्खास्त, 14 आरोप सिद्ध
लखनऊ में योगी सरकार ने सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए Minority Welfare Department के Joint Director Sheshnath Pandey को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
- sakshi choudhary
- 06 Mar, 2026
लखनऊ में योगी सरकार ने सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए Minority Welfare Department के Joint Director Sheshnath Pandey को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। राज्य सरकार ने गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने के बाद यह फैसला लिया। आदेश के अनुसार उन्हें भविष्य में किसी भी सरकारी सेवा के लिए अयोग्य भी घोषित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जांच रिपोर्ट, अभिलेखीय साक्ष्य, संबंधित अधिकारी के जवाब और लोक सेवा आयोग की सहमति के आधार पर की गई है।
जांच में Sheshnath Pandey पर लगाए गए कुल 15 आरोपों में से 14 आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट के अनुसार उन पर वित्तीय अनियमितता, कदाचार, तथ्यों को छिपाने, न्यायिक आदेशों की अनदेखी और नियमों के विरुद्ध आदेश जारी कर अनुचित लाभ पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। यह भी पाया गया कि उन्होंने एक मदरसे में पहले से सेवा समाप्त किए जा चुके व्यक्ति के लिए बिना वैध पुनर्नियुक्ति आदेश के वित्तीय अनुमोदन बहाल कर वेतन भुगतान का आदेश दिया, जिससे एक ही पद पर दो लोगों को वेतन देने की स्थिति बन गई।
जांच में यह भी सामने आया कि अधिकारी ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर निर्णय लिए और उत्तर प्रदेश अशासकीय मदरसा विनियमावली 1987 तथा संशोधित विनियमावली 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन किया। सरकार ने 23 फरवरी 2026 को यह मामला लोक सेवा आयोग को भेजा था और आयोग ने 28 फरवरी को दंड पर सहमति दी। इसके बाद राज्यपाल की मंजूरी मिलने पर Sheshnath Pandey को बर्खास्त करने का अंतिम आदेश जारी किया गया और विभागीय कार्रवाई पूरी कर दी गई।