Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING
NEWS
● ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में अधिकारियों के कार्यों का फेरबदल, 130 मीटर रोड और अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी तय
● ग्रेटर नोएडा की सोसायटी पार्किंग में फॉर्च्यूनर के टायर-रिम से छेड़छाड़, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
● यूपी में PDA पर सियासी घमासान, योगी के बयान पर अखिलेश का पलटवार
● PM Modi: भाजपा की नई टीम के साथ आज बैठक, पदाधिकारियों को करेंगे संबोधित
● दिल्ली में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या, ससुराल पक्ष पर पीट-पीटकर मारने का आरोप
● नोएडा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने निजी लैब का किया उद्घाटन
● ग्रेटर नोएडा में 15 कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई, बंद करने का नोटिस
● सड़क किनारे अतिक्रमण पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, 12 अवैध दुकानें ध्वस्त
● विजय इंटरनेशनल स्कूल में प्री-प्राइमरी विद्यार्थियों के लिए जागरूकता गतिविधि आयोजित
● Migson Ultimo Society में पानी की जांच, TDS मानक के अनुरूप; Greater Noida Authority ने सोसाइटी प्रबंधन को भेजा Notice
Ram Mandir Donation Row: अयोध्या में दान राशि गबन विवाद गहराया, संतों और Vinay Katiyar ने मांगी निष्पक्ष जांच
अयोध्या के Ram Mandir Donation Row ने नया राजनीतिक और धार्मिक मोड़ ले लिया है।
- sakshi choudhary
- 11 Jun, 2026
अयोध्या के Ram Mandir Donation Row ने नया राजनीतिक और धार्मिक मोड़ ले लिया है। राम मंदिर की दान राशि में कथित गबन और हेराफेरी के आरोपों को लेकर संत समाज के कई प्रमुख चेहरे खुलकर सामने आ गए हैं। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष Mahant Nritya Gopal Das के शिष्य Mahant Kamal Nayan Das ने कहा कि भगवान के न्याय से कोई नहीं बच सकता और पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल उनके पास चोरी की पुष्टि करने वाली जानकारी नहीं है, लेकिन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
Ram Mandir Donation Scam से जुड़े इस विवाद में अब Bajrang Dal के संस्थापक और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख नेता Vinay Katiyar भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामले में हर आरोप की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। वहीं, दाँतधावन कुंड आचारी मंदिर के Mahant Vivek Achari ने भी ट्रस्ट से पूरी सच्चाई जनता के सामने रखने की मांग की। उनका कहना है कि “दूध का दूध और पानी का पानी” होना चाहिए ताकि भक्तों का विश्वास बना रहे। संतों की इस एकजुट मांग ने Ayodhya News को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है।
मामला अब प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुका है। भाजपा नेता Rajneesh Singh द्वारा भेजे गए शिकायत पत्र के बाद पीएमओ स्तर पर भी हलचल मानी जा रही है। इसी बीच राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रमुख सचिव Nripendra Mishra का अचानक अयोध्या पहुंचना चर्चा का केंद्र बन गया। बंद कमरे में हुई उनकी बैठक को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। Mahant Kamal Nayan Das ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर उठते सवालों ने लोगों के मन में संदेह पैदा कर दिया है, इसलिए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सार्वजनिक होनी चाहिए।