यूपी में भ्रष्टाचार और वसूली का खेल जारी, अखिलेश यादव का योगी सरकार पर बड़ा हमला
- sakshi choudhary
- 02 Jul, 2026
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर योगी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर है और खुलेआम वसूली का खेल चल रहा है। अखिलेश ने कहा कि प्रदेश के थानों पर भाजपा का प्रभाव दिखाई देता है और पुलिस का ध्यान केवल धन उगाही तक सीमित रह गया है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में आम जनता को कहीं भी निष्पक्ष न्याय नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया के लिए निर्धारित बजट के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया और कहा कि सरकारी संसाधनों का सही उपयोग नहीं हो रहा, बल्कि उनका बंदरबांट किया जा रहा है।
अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे को भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि यह मामला अब गांव-गांव तक पहुंच चुका है और इससे जनता में नाराजगी बढ़ रही है। सपा प्रमुख ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग भगवान राम के नाम पर राजनीति करते हैं, वे अब जनता का विश्वास खो चुके हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब भाजपा को न चंदा मिलेगा, न चढ़ावा और न ही वोट। अखिलेश ने कहा कि "मर्यादा का पहला नाम राम और दूसरा नाम संविधान है", लेकिन वर्तमान सरकार ने भगवान राम के नाम पर भी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनता धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों को गंभीरता से देख रही है और इसका असर आने वाले चुनावों में दिखाई देगा।
दरअसल, यह कार्यक्रम 04 अप्रैल से शुरू हुई सिख सामाजिक न्याय यात्रा के समापन अवसर पर आयोजित किया गया था। यात्रा में शामिल सिख समुदाय के प्रतिनिधि सपा मुख्यालय पहुंचे, जहां अखिलेश यादव ने उनका स्वागत किया और सम्मानित भी किया। इस मौके पर उन्होंने सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संदेश देते हुए भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना की। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दे लगातार गंभीर होते जा रहे हैं और जनता इन सभी विषयों पर सरकार से जवाब मांग रही है। उनके इस बयान को उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़े राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है, जिस पर आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण मानी जाएगी।