Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ग्रेटर नोएडा के निक्की हत्याकांड में आरोपी पति विपिन भाटी को जमानत, हाईकोर्ट ने कही ये बात ● यूपी बोर्ड डेटशीट 2027: 5 फरवरी से शुरू होंगी 10वीं-12वीं की परीक्षाएं, जारी हुआ टाइमटेबल ● सीजेआई के इस्तीफे की मांग पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने जताई आपत्ति, कहा- न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखें ● ग्रेटर नोएडा की दो सोसायटियों की बिजली कटने का खतरा, 1700 परिवारों की बढ़ी चिंता ● नोएडा में मिशन शक्ति 6.0 के तहत महिला सशक्तिकरण रैली, 500 छात्राओं ने लिया हिस्सा ● ओवैसी का सरकार पर हमला, CEC की नियुक्ति से जुड़ा कानून रद्द करने की मांग; SIR पर भी उठाए सवाल ● UP Weather Update: यूपी में फिर बदलेगा मौसम! पश्चिमी जिलों में आंधी-बारिश और ओले, 15 अक्टूबर से दोबारा सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ ● नेपाल में 45 दिन बाद फिर कुदरत का कहर! बूढ़ी गंडकी नदी में भीषण बाढ़, 40 घर बहे, 5 लोग लापता ● नोएडा: बहन को बच्चा देने के लिए चुराई 3 दिन की नवजात, 8 घंटे में पुलिस ने किया रेस्क्यू; महिला और भाई गिरफ्तार ● दिल्ली मेट्रो बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, गृह सचिव समेत तीन अधिकारियों को नोटिस

चाइल्ड पीजीआई में किशोरियों की स्वास्थ्य समस्याओं पर विशेष ध्यान, मासिक धर्म जागरूकता के लिए नई यूनिट शुरू

नोएडा। दिव्यांशु ठाकुर 

चाइल्ड पीजीआई, जो अब तक बच्चों के इलाज के लिए सुपरस्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाएं प्रदान करता था, अब किशोरियों की स्वास्थ्य समस्याओं का भी ध्यान रखेगा। विशेष रूप से मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं के इलाज और जागरूकता पर जोर दिया जाएगा। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, चाइल्ड पीजीआई में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोकिता शर्मा की नियुक्ति की गई है। इसके साथ ही पीडियाट्रिक गाइनिकोलॉजी यूनिट की शुरुआत भी हो गई है।

चाइल्ड पीजीआई में 18 वर्ष तक के बच्चों का इलाज किया जाता है, और इसमें अब किशोरियों को मासिक धर्म संबंधी समस्याओं, मैनस्ट्रुअल हाइजीन, और अन्य स्वास्थ्य मुद्दों पर विशेषज्ञ सलाह मिल सकेगी। इसके अलावा, स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता शिविर भी लगाए जाने की योजना है, जहां किशोरियों को मासिक धर्म और किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों के बारे में जानकारी दी जाएगी। हालांकि, चाइल्ड पीजीआई में प्रसव की सुविधाएं नहीं मिलेंगी, क्योंकि संस्थान केवल बच्चों के इलाज के लिए बनाया गया है, और प्रसव संबंधी सुविधाओं की व्यवस्था अभी नहीं की गई है। स्त्री रोग विशेषज्ञ की सेवाएं 18 साल से कम उम्र की लड़कियों के इलाज और चिकित्सकीय सलाह के लिए ही उपलब्ध रहेंगी।