Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के प्रोजेक्ट विभाग में आई पारदर्शिता, आईएएस और पीसीएस के होते है साइन

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ग्रेटर नोएडा। कपिल चौधरी

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के प्रोजेक्ट विभाग पर भ्रष्टाचार के खूब आरोप लगाते आए हैं कहां जाता था कि अधिकारी ठेकेदारों के साथ सांठ गांठ करके प्राधिकरण में खूब भ्रष्टाचार किया जाता था। प्राधिकरण का प्रोजेक्ट विभाग सबसे महत्वपूर्ण विभाग है शहर के विकास की जिम्मेदारी इसी विभाग पर होती है। सीईओ एनजी रवि कुमार ने इस विभाग में सुधार लाने के लिए कई कदम उठाए हैं। जिनके कारण पिछले कुछ महीनो से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के प्रोजेक्ट विभाग में फाइलों में पारदर्शिता आई है। जिससे कार्य भी गुणवत्ता के साथ हो रहे हैं और कमीशन खोरी भी कुछ स्तर तक कम हुई है।

प्रोजेक्ट विभाग की जिम्मेदारी आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को

ग्रेटर नोएडा के प्रोजेक्ट विभाग में पिछले कुछ समय से आईएएस और पीसीएस अधिकारियों का हस्तक्षेप रहा है यह अधिकारी सीधे तौर पर प्रोजेक्ट विभाग से जुड़े हुए हैं इन्हे के द्वारा फाइलें की जा रही है उसी का कारण है कि फाइलों में पारदर्शिता आई है। कार्य गुणवत्ता के साथ हो रहे हैं और एस्टीमेट भी कुछ हद तक सही बनाए जा रहे हैं। प्रोजेक्ट विभाग में कई रिटायर अधिकारी भी रखे गए हैं जिनका कार्य फाइलों को चेक करना है एस्टीमेट को चेक करना है और साथ ही साइड विजिट भी करनी है।

प्रोजेक्ट विभाग में किए गए सुधारो के कारण ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बड़े स्तर पर लाभ होगा। इससे प्राधिकरण की छवि में भी सुधार होगा। साथ ही पैसा की भी बचत होगी। अधिकारी और कर्मचारी कुछ गलत करने से पहले 10 बार सोच रहे हैं कि किसी न किसी स्तर पर उनकी गलतियां पकड़ी जाएंगे।