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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सख्ती: तुस्याना भूमि घोटाले में बनी अवैध मार्केट ध्वस्त

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ग्रेटर नोएडा। दिव्यांशु ठाकुर

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तुस्याना भूमि घोटाले में फंसे कृषक भूखंड पर बनी मार्केट को हटवा दिया है। प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण का नोटिस लगाकर यह स्पष्ट कर दिया कि बिना नक्शा पास कराए किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भूखंड पर मार्केट का निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था, जिसके कारण यह कदम उठाया गया है।

तुस्याना गांव में बिना अनुमति के जारी व्यावसायिक गतिविधियों पर प्राधिकरण ने रोक लगा दी है। यहां कंपनी के नाम पर जमीन खरीदी गई थी और बाद में उस पर प्लॉटिंग की गई। इस मामले में कुछ लोगों ने प्राधिकरण को जमीन देकर मुआवजा प्राप्त किया और साथ ही छह प्रतिशत कृषि भूखंड भी आवंटित करा लिया।

तुस्याना गांव से इस भूखंड को नॉलेज पार्क वन में आवंटित कराया गया, जहां अब एक कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बना हुआ है। इस वर्ष, एनजीटी के आदेश पर, प्राधिकरण ने कॉम्प्लेक्स के कुछ हिस्से को तोड़ दिया था। मामला अभी भी एनजीटी में विचाराधीन है।

प्राधिकरण ने तीन अगस्त को कॉम्प्लेक्स पर नोटिस चस्पा कर दुकानों को खाली करने और ध्वस्तीकरण का आदेश दिया। प्राधिकरण का दावा है कि कृषि भूखंड के प्रथम तल पर 50 प्रतिशत हिस्सा का कॉमर्शियल उपयोग किया जा सकता है, लेकिन उसका भी नक्शा स्वीकृत नहीं कराया गया है।

कॉम्प्लेक्स में करीब 20 दुकानें हैं, और साथ ही एक रेस्तरां और होटल भी संचालित हो रहे हैं। सभी को दुकानें खाली करने के लिए पांच अगस्त तक का समय दिया गया था। नोटिस चस्पा होने के बाद दुकानदारों ने अपनी दुकानें खाली कर दी हैं।