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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में बालिकाओं से कराई जा रही झाड़ू-पोंछा और बर्तन सफाई, शिकायत के बाद जांच के आदेश

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ग्रेटर नोएडा। दिव्यांशु ठाकुर

ग्रेटर नोएडा के जेवर में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में बालिकाओं को शिक्षा देने की बजाय उनसे झाड़ू-पोंछा और बर्तन साफ कराने का काम कराया जा रहा है। स्थिति तब और भी गंभीर हो गई जब इन बच्चियों से स्कूल से निकालने की धमकी देकर पैरों की मालिश और दबाने का काम कराया गया। बच्चियों ने इस अत्याचार की शिकायत अपने माता-पिता से की, जिन्होंने तुरंत ही जेवर के उपजिलाधिकारी से पूरे मामले की शिकायत की। उपजिलाधिकारी ने इस पर संज्ञान लेते हुए बीईओ जेवर को जांच करने और कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की स्थापना वंचित वर्ग की बालिकाओं को आवासीय विद्यालय में गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने के उद्देश्य से की गई थी। लेकिन जेवर के कस्तूरबा विद्यालय में पढ़ाई कर रही बच्चियों ने वहां की अध्यापिका और रसोइया पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

डुंढेरा गांव के निवासी मूलचंद और संजय की बेटियां, जो कस्तूरबा विद्यालय में 8वीं कक्षा में पढ़ रही हैं, ने आरोप लगाया कि स्कूल की वार्डन और रसोइया उनसे झाड़ू-पोंछा, बर्तन साफ कराने और खाना बनाने का काम कराती हैं।

इन बच्चियों ने बताया कि रात में काम खत्म होने के बाद, स्कूल की दो अध्यापिकाएं उनसे पैरों की मालिश कराती हैं। अगर कोई छात्रा इनकार करती है, तो उसे गाली-गलौज के साथ मारपीट और स्कूल से निकालने की धमकी दी जाती है। साथ ही, अगर छात्राएं स्कूल के अन्य काम करने से मना करती हैं, तो उन्हें खाना नहीं देने की धमकी भी दी जाती है।

बच्चियों ने यह भी बताया कि खाने की गुणवत्ता भी बहुत खराब होती है। शनिवार को अभिभावकों ने इस मामले की शिकायत की और अध्यापिकाओं और रसोइया पर आरोप लगाए। खंड शिक्षा अधिकारी जेवर को इस मामले की जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं, यह जानकारी उपजिलाधिकारी अभय सिंह ने दी।