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न्यू आगरा: 40 हजार करोड़ रुपये की परियोजना से यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बसेगा नया शहरी केंद्र

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ग्रेटर नोएडा। दिव्यांशु ठाकुर

ताज नगरी आगरा की सुंदरता में और निखार लाने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने न्यू आगरा बसाने की योजना बनाई है। इस परियोजना में 10 हजार 500 हेक्टेयर भूमि पर एक नया शहरी केंद्र विकसित किया जाएगा, जिसमें 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा। यह परियोजना मास्टर प्लान 2031 में शामिल की गई है और इसके अध्ययन और विकास की जिम्मेदारी ट्रैक्टेबल इंजीनियरिंग स्काई ग्रुप को सौंपी गई है। इस क्षेत्र में पर्यटन और गैर प्रदूषणकारी फैक्टरियों को स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

कंपनी आगामी नौ महीने में सर्वे रिपोर्ट के आधार पर मास्टर प्लान का ब्लू प्रिंट तैयार करेगी। न्यू आगरा अर्बन सेंटर की परिकल्पना में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित 30 गांवों को शामिल किया गया है। यहां औद्योगिक, आवासीय, हरित क्षेत्र समेत विभिन्न प्रकार की गतिविधियाँ होंगी। कंपनी जनसंख्या, ट्रांसपोर्ट सिस्टम, सड़कें, पर्यावरण की स्थिति, आर्थिक और सामाजिक स्थितियाँ, सुविधाएं, उद्योग की संभावनाएँ, कारोबार की स्थिति, यमुना नदी और अन्य जल स्रोतों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और नौ महीने में प्राधिकरण को सौंपेगी।

न्यू आगरा में आवासीय क्षेत्र के लिए 20%, व्यावसायिक क्षेत्र के लिए 4%, उद्योग के लिए 25%, ट्रांसपोर्ट के लिए 13%, हरित क्षेत्र के लिए 15%, पर्यटन के लिए 7% और मिक्स लैंड यूज के लिए 7% जमीन आरक्षित रहेगी।

यमुना प्राधिकरण का क्षेत्र छह जिलों में फैला हुआ है, जिसमें पहले चरण में गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर को विकसित किया जा रहा है। दूसरे चरण में अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और सबसे अंतिम चरण में आगरा को विकसित करने की योजना बनाई गई है। आगरा के लिए इस योजना को पहली बार तैयार किया गया है।

इस परियोजना के पूरा होने पर आगरा के औद्योगिक क्षेत्र को एक नई पहचान मिलेगी। पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले आगरा की साख इस परियोजना से और मजबूत होगी। मास्टर प्लान तैयार होने के बाद इसे उत्तर प्रदेश कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद परियोजना का काम शुरू हो जाएगा। न्यू आगरा में पर्यटन के साथ-साथ गैर प्रदूषणकारी फैक्टरियों और कंपनियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

न्यू आगरा निम्नलिखित गांवों की जमीन पर बसेगा: नहर्रा, रूप्धंदु, जराउ, पेसाई, खंडिया, बामन, खड़गपुर, चौकर, परिहार, अनवल खेरा, शेरखान, उसमानपुर, सेमरा, ऊंचा, अगरपुर, चिहौंली, हसनपुर, मुडी जहांगीरपुर, अरेला, चोली, बहरामपुर, नंगला निशंख, गर्हिबच्ची, नंगला मनी, गढ़ी पिरथि, अगवरखास, नंगला तुलसी, नयाबांस, नवलपुर, धरेरा।

यीडा के सीईओ, डॉ. अरुणवीर सिंह के अनुसार, न्यू आगरा को बसाने के लिए चिन्हित की गई 10 हजार 500 हेक्टेयर जमीन पर पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और उद्योग तीनों का संगम दिखेगा। इस परियोजना को 40 हजार करोड़ रुपये की लागत से धरातल पर उतारा जाएगा।