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दिल्ली मेट्रो: लास्ट माइल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए अगस्त तक सड़क पर आएंगे 1100 से अधिक ई-ऑटो

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नोएडा/दिव्यांशु ठाकुर

राजधानी दिल्ली में लास्ट माइल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) 1100 से अधिक ई-ऑटो सड़क पर उतारने की योजना बना रही है। ये ई-ऑटो अगस्त के अंत तक पंजीकृत हो जाएंगे, जिससे मेट्रो स्टेशनों से गंतव्य तक पहुंचना और भी सुगम हो जाएगा। वर्तमान में दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में मेट्रो का नेटवर्क लगभग 392 किलोमीटर तक फैला हुआ है। हालांकि, मेट्रो स्टेशनों पर उतरने के बाद यात्रियों को अपने अंतिम गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए ई-ऑटो एक प्रभावी उपाय साबित हो सकते हैं।

परिवहन विभाग ने डीएमआरसी को 2299 ई-ऑटो चलाने की मंजूरी दी थी, जिनमें से वर्तमान में 1163 ई-ऑटो विभिन्न मेट्रो स्टेशनों से संचालित हो रहे हैं। इन 1163 ई-ऑटो में से 306 ई-ऑटो महिला चालकों द्वारा चलाए जा रहे हैं, जिनके लिए विशेष परमिट दिए गए हैं। डीएमआरसी का कहना है कि शेष 1136 ई-ऑटो का संचालन भी शीघ्र ही शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है।

डीएमआरसी का यह कदम मेट्रो यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा, क्योंकि इससे मेट्रो से उतरने के बाद के सफर को आसान और सुविधाजनक बनाया जा सकेगा। दिल्ली के यातायात जाम और प्रदूषण की समस्याओं को भी यह कदम कम करने में सहायक हो सकता है, क्योंकि ई-ऑटो पर्यावरण के अनुकूल होते हैं और इनमें शून्य उत्सर्जन होता है।

ई-ऑटो के संचालन से न केवल यात्रियों को सुविधाजनक और सस्ता परिवहन मिलेगा, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहित करेगा। नए ई-ऑटो चालकों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। इसके अतिरिक्त, महिला चालकों के लिए विशेष परमिट जारी करने से महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।