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सीईओ एनजी रवि कुमार के कुशल नेतृत्व में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण आत्मनिर्भर बनने की तरफ अग्रसर

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ग्रेटर नोएडा। कपिल चौधरी

पिछले काफी सालों से हम यह सुनते हुए आ रहे थे कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण लगातार कर्ज के भोझ के तले दबता जा रहा है और कर्ज दिन पर दिन बढ़ रहा है। लेकिन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मौजूदा सीईओ एनजी रवि कुमार ने जिस दिन से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कमान संभाली है प्राधिकरण को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेकों कदम उठाए जा रहे हैं। सीईओ एनजी रवि कुमार के कुशल नेतृत्व और सशक्त वित्त प्रबंधन के कारण ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कर्ज के बोझ से मुक्त होने की तरफ अग्रसर है प्राधिकरण को आत्मनिर्भर बनाने की तरफ लगातार कार्य किया जा रहा है। जिसमे वित्त विभाग पूरी जिम्मेदारी से कार्य कर रहा है।

पिछले वित्त वर्ष में :

  • पिछले वित्त वर्ष में निजी बैंकों का 1032 करोड रुपए समय से पहले चुका दिया है।
  • साथ ही 482 करोड़ एनसीआरपीबी (NCRPB) को दिए थे।

मौजूदा वित्त वर्ष में:

  • ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 140 करोड रुपए नोएडा प्राधिकरण के चुकाए।
  • प्राधिकरण को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 500 करोड रुपए की फिक्स्ड डिपाजिट (FD) 7.8 प्रतिशत ब्याज दर से की गई है जिसके ब्याज से गांव में विकास कार्य हो सकेंगे।
  • 200 करोड रुपए की फिक्स्ड डिपाजिट (FD एक और की गई है जिसके ब्याज को गौशालाओं पर खर्च किया जाएगा।
  • लगभग 13 करोड रुपए एनसीआरपीबी (NCRPB) को इस वर्ष दिए जा चुके हैं।
  • एडवरटाइजिंग बोर्ड से होने वाली आमदनी से प्राधिकरण का बिजली का व व्हीकल और उसके मेंटेनेंस का खर्चा चलाया जाएगा।

सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया प्राधिकरण को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास किया जा रहे हैं। इससे प्राधिकरण का मूलधन सुरक्षित रहेगा और ब्याज के पैसे से विकास कार्य और प्राधिकरण का खर्च चल सकेगा, मूलधन का इस्तेमाल जमीन खरीदने में होगा।