Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ओवैसी का सरकार पर हमला, CEC की नियुक्ति से जुड़ा कानून रद्द करने की मांग; SIR पर भी उठाए सवाल ● UP Weather Update: यूपी में फिर बदलेगा मौसम! पश्चिमी जिलों में आंधी-बारिश और ओले, 15 अक्टूबर से दोबारा सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ ● नेपाल में 45 दिन बाद फिर कुदरत का कहर! बूढ़ी गंडकी नदी में भीषण बाढ़, 40 घर बहे, 5 लोग लापता ● नोएडा: बहन को बच्चा देने के लिए चुराई 3 दिन की नवजात, 8 घंटे में पुलिस ने किया रेस्क्यू; महिला और भाई गिरफ्तार ● दिल्ली मेट्रो बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, गृह सचिव समेत तीन अधिकारियों को नोटिस ● यूपी दरोगा भर्ती 2025: हाईकोर्ट से अभ्यर्थियों को झटका, 4543 पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ ● यूपी के भाजपा विधायक पर गंभीर आरोप, युवकों को उल्टा लटकाकर पीटने और करंट लगाने का दावा ● ग्रेटर नोएडा में सेफ सिटी परियोजना में देरी, 2700 कैमरे लगाने का इंतजार बढ़ा ● कोहरे में हादसे रोकने की तैयारी, ग्रेनो वेस्ट-130 मीटर रोड पर लग रहे रोड ब्लिंकर्स ● ग्रेनो में अवैध डंपिंग पर प्राधिकरण सख्त, एम्स गोल्ड होम पर 40,400 रुपये का जुर्माना

ग्रेटर नोएडा में दो और नामी विश्वविद्यालय के खुलने के आसार

top-news

  • ग्रेनो प्राधिकरण से मांगी जमीन, प्राधिकरण ने चिंहित की जमीन
  • ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ से मिले, मौके पर जाकर जमीन देखी

ग्रेटर नोएडा। कपिल चौधरी

ग्रेटर नोएडा में दो और नामी विश्वविद्यालय खुलने के आसार बन गए हैं। राजस्थान की माधव गोविंद विश्वविद्यालय और नोएडा के जेएसएस विश्वविद्यालय ने ग्रेटर नोएडा में विश्वविद्यालय खोलने के प्रति रुचि दिखाई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने दोनों विश्वविद्यालयों के लिए जमीन चिंहित कर दिखा दिया है। उनको ये जमीन पसंद भी आ गई है। अगर दोनों विश्वविद्यालयों को जमीन आवंटित हुई तो ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को लगभग 550 करोड़ रुपये से अधिक की आमदनी होगी।

औद्योगिक निवेश के प्रमुख केंद्र के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा की पहचान शिक्षा के हब के रूप में भी है। देश-विदेश से छात्र-छात्राएं यहां शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य बना रहे हैं। यहां कई नामी विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान चल रहे हैं। इसी कड़ी में दो और विश्वविद्यालयों के नाम भी जल्द जुड़ने जा रहे हैं। नोएडा के जेएसएस विश्वविद्यालय और राजस्थान के माधव गोविंद विश्वविद्यालय ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से विश्वविद्यालय बनाने के लिए जमीन की मांग की है। दोनों शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधि बुधवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार से मिले। सीईओ ने उन्हें जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। सीईओ के निर्देश पर संस्थागत विभाग के विभागाध्यक्ष संतोष कुमार ने दोनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों को टेकजोन टू में 28 एकड़ और टेकजोन में स्टेलर आईटी पार्क के पास 33 एकड़ के भूखंड दिखा दिए हैं। ओएसडी संतोष कुमार ने बताया कि दोनों संस्थानों के प्रबंधन को ये भूखंड पसंद भी आ गए हैं। दोनों विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने शीघ्र ही औपचारिक प्रस्ताव के साथ प्राधिकरण आने की बात कही है। अगर ये दोनों संस्थाएं ग्रेटर नोएडा में विश्वविद्यालय बनाने के लिए जमीन खरीदती हैं तो प्राधिकरण को इससे 550 करोड़ रुपये से अधिक की आमदनी होगी। साथ ही विश्वविद्यालय बनने पर बड़े पैमाने पर निवेश भी होगा। छात्रों को दो नए और आधुनिक विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिलेगा। साथ ही तमाम लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।