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किसानों को लीज प्लान जारी करने की रफ्तार बढ़ाने को सीईओ ने की बैठक, नियोजित भूखंडों पर अतिक्रमण हटाने के लिए के निर्देश

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ग्रेटर नोएडा। कपिल तोंगड़

किसानों को छह फीसदी आवासीय भूखंड जल्द उपलब्ध कराने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने समीक्षा बैठक की। लीज प्लान जारी करने और किसानों के नाम लीज डीड कराने में धीमी गति पर सीईओ ने परियोजना, नियोजन व भूलेख विभाग के अधिकारियों से नाराजगी जताई। सीईओ ने इन विभागों से आपस में सामंजस्य बनाकर सभी पात्र किसानों का लीज प्लान शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को जमीन देने वाले किसानों को विकसित एरिया में छह फीसदी रिहायशी भूखंड दिया जाता है। भूलेख विभाग से पात्रता तय होने के बाद नियोजन विभाग प्लॉट नियोजित करता है। प्रोजेक्ट विभाग उसे विकसित कर लीज प्लान जारी करता है और फिर किसानों के नाम लीज डीड होती है। इस कार्य में तेजी लाने के लिए सीईओ रितु माहेश्वरी ने मंगलवार को छह फीसदी आवासीय भूखंड से जुड़े विभाग परियोजना, नियोजन व भूलेख की समीक्षा की। सीईओ ने सभी वर्क सर्किलवार जारी लीज प्लान का ब्योरा जांचा और धीमी रफ्तार के लिए फटकार भी लगाई। प्रोजेक्ट विभाग को लक्ष्य दिया है कि जिन भूखंडों को विकसित करने का काम चल रहा है, उसे शीघ्र पूरा कर लीज प्लान जारी करें, ताकि किसानों के नाम लीज डीड किया जा सके। जिन भूखंडों पर अवैध अतिक्रमण है, उसे पुलिस-प्रशासन की मदद से तत्काल हटाकर उसे विकसित कर लीज प्लान जारी करें। नियोजन विभाग को शेष किसानों का भूखंड भी नियोजित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में प्राधिकरण के भूलेख विभाग की तरफ से बताया गया कि लगभग 19210 किसानों की पात्रता तय की गई, जिसमें से 18008 से अधिक किसानों के भूखंड नियोजित कर दिए गए हैं। कृषक आबादी विभाग की तरफ से 17076 किसानों को भूखंड आवंटित कर दिए गए हैं, जिसमें से लगभग 12784 भूखंडों का लीज प्लान जारी किया जा चुका है। नवंबर से अब तक प्राधिकरण 1210 लीज प्लान और 1142 किसानों की चेकलिस्ट जारी कर चुका है, जिसमें से 536 किसानों ने लीज डीड भी करा ली है। प्राधिकरण लीज डीड कराने के लिए इन सभी किसानों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। इसके अलावा 705 लीज प्लान और तैयार हो गए हैं। प्राधिकरण इनके भी चेकलिस्ट शीघ्र जारी कर देगा। सीईओ रितु माहेश्वरी ने कहा है कि अब हर सप्ताह छह फीसदी भूखंड के प्रकरणों की समीक्षा करने की बात कही, जिस विभाग की प्रगति संतोषजनक नहीं मिली उसके खिलाफ अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एसीईओ मेधा रूपम, एसीईओ अमनदीप डुली व एसीईओ आनंद वर्धन, ओएसडी हिमांशु वर्मा व विशु राजा समेत कई वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।