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प्रतीक ग्रैंड सिटी को नगर निगम ने किया सील, खरीद-फरोख्त पर रोक; प्रबंधन ने साधी चुप्पी

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गाजियाबाद। सिद्धार्थ विहार की प्रतीक ग्रैंड सिटी प्रोजेक्ट को नगर निगम ने सोमवार दोपहर सील कर दिया। प्रतीक ग्रुप पर संपत्ति कर के 43,46,709 रुपये बकाया हैं। लगातार नोटिस देने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया तो मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डा. संजीव सिन्हा पुलिस प्रवर्तन दस्ते के साथ ग्रुप के सेल्स आफिस पहुंचे और कार्यालय को सील कर दिया।
भुगतान न करने पर होगी कुर्की
यदि बकाया का भुगतान नहीं किया गया तो कुर्की व नीलामी करके कर की वसूली की जाएगी। सील करने के साथ नोटिस चस्पा किया गया है कि यहां पर संपत्ति खरीदने से पहले नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण-पत्र जरूर प्राप्त कर लें। आर्थिक संकट से जूझ रहे नगर निगम को संपत्ति कर से इस बार बड़ी उम्मीद है। वित्तीय वर्ष 2022-23 इसी सप्ताह खत्म हो जाएगा और इसीलिए नगर निगम ने संपत्ति कर की वसूली के लिए कार्रवाई तेज कर दी है।
इस साल 180 करोड़ रुपये की वसूली
डा. सिन्हा रोजाना शहर में दलबल के साथ निकलते हैं और हर जोन में बड़े बकायेदारों की संपत्तियों को सील कर रहे हैं। डा. सिन्हा ने बताया कि इस साल अभी तक 180 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है, जबकि पिछले वर्ष 155 करोड़ रुपये संपत्ति कर के रूप में मिले थे। हालांकि, इस साल करीब ढाई लाख नए करदाता भी जुड़े थे। इसीलिए नगर निगम का लक्ष्य 350 करोड़ रुपये है। इसके मुकाबले काफी कम लोगों ने कर का भुगतान किया है।