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जिला एमएमजी अस्पताल से लिया गया दवा का नमूना जांच में फेल, मरीजों के वितरण पर लगी रोक

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गाजियाबाद। जिला एमएमजी अस्पताल से लिया गया एक और दवा का नमूना जांच में फेल आया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों को दवा के वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। यह नमूना केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन, भारत सरकार की टीम द्वारा दो माह पूर्व लेकर जांच को चंड़ीगढ़ स्थित क्षेत्रीय ड्रग टेस्ट लैब को भेजा गया था।
औषधि निरीक्षक स्मृति शर्मा द्वारा जिला एमएमजी अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट एसपी वर्मा को भेजी गई जांच रिपोर्ट में अवगत कराया गया है कि क्लोपीडिग्रिल बाईसल्फेट टेबलेट का सैंपल 13 सितंबर 2022 को लेकर जांच को भेजा गया था। जांच रिपोर्ट 29 नवंबर को मिली है। पत्र में निर्देश दिये गए हैं कि अधोमानक पाई गई दवा के उपयोग पर तुरंत रोक लगा दिया जाये।
सीएमएस डा. मनोज कुमार चतुर्वेदी ने इस संबंध में सीएमओ को पत्र भेजकर बताया है कि उक्त दवा के वितरण पर रोक लगा दी गई है। सीएमओ डा.भवतोष शंखधर ने अन्य जिला अस्पताल, सीएचसी लोनी, डासना, मुरादनगर, मोदीनगर के साथ ही 65 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध उक्त दवा के वितरण पर राेक लगाने के निर्देश जारी कर दिये गए हैं।
यह दवा हृदयरोगियों को रक्त को पतला करने के लिए दी जाती है। इससे पहले संयुक्त अस्सपताल, सीएचसी मुरादनगर और एक अन्य स्टोर से लिये गए तीन दवाओं के नमूने जांच में फेल मिल चुके हैं।
जांच रिपोर्ट आने से पहले मरीजों को बांट दीं 1,200 टेबलेट
इस दवा की 3,000 टेबलेट रेवियन लाइफ साइंस कंपनी हरिद्वार द्वारा बनाकर स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई थीं। दवा का नाम क्लोपीडिग्रिल बाईसल्फेट 75 एमजी है, जो रक्त को पतला करने के लिए उपयोग की जाती है । सीएमएस के पत्र से पता चला है कि 20 सितंबर को स्टोर में 3,000 टेबलेट उपलब्ध थीं और वर्तमान में 1,800 टेबलेट बची हैं। यानी अधोमानक दवा की 1,200 टेबलेट जिला एमएमजी अस्पताल में आने वाले मरीजों को चिकित्सक की परामर्श पर वितरित कर दी गईं। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को लेकर जांच की तैयारी की जा रही है।