Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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लोकसभा में पीएम मोदी की बड़ी अपील: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सर्वसम्मति से आगे बढ़ें

लोकसभा में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा के दौरान इसे भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का निर्णायक मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की विकास यात्रा को नई दिशा देने वाला कदम है। पीएम ने भावुक अपील करते हुए कहा कि “इस मंथन से अमृत निकलेगा” और सभी दलों को इस ऐतिहासिक अवसर को गंवाना नहीं चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला 20-25 साल पहले हो जाना चाहिए था, लेकिन अब देश को इसे आगे बढ़ाने का मौका मिला है।
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लोकसभा में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा के दौरान इसे भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का निर्णायक मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की विकास यात्रा को नई दिशा देने वाला कदम है। पीएम ने भावुक अपील करते हुए कहा कि “इस मंथन से अमृत निकलेगा” और सभी दलों को इस ऐतिहासिक अवसर को गंवाना नहीं चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला 20-25 साल पहले हो जाना चाहिए था, लेकिन अब देश को इसे आगे बढ़ाने का मौका मिला है।


प्रधानमंत्री ने विपक्ष को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि जो लोग इस विधेयक का विरोध करेंगे, उन्हें राजनीतिक रूप से इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में जमीनी स्तर पर महिलाएं पहले ही मजबूत नेतृत्व बन चुकी हैं और अब उन्हें संसद में उचित प्रतिनिधित्व देना जरूरी है। मोदी ने स्पष्ट किया कि उनके लिए संविधान सर्वोपरि है और महिलाओं को निर्णय लेने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय राष्ट्रीय हित में निर्णय लेना चाहिए।


परिसीमन को लेकर उठ रहे सवालों पर पीएम मोदी ने आश्वासन दिया कि किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने उत्तर और दक्षिण के बीच पैदा किए जा रहे भ्रम को खारिज करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष होगी। पीएम ने यह भी कहा कि यह महिलाओं को “कुछ देने” का नहीं, बल्कि उनका अधिकार लौटाने का समय है। अंत में उन्होंने सभी दलों से सर्वसम्मति से विधेयक पारित करने की अपील करते हुए कहा कि देश की नारी शक्ति हमारी नीयत को देख रही है और यही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा तय करेगा।