पश्चिम बंगाल में BJP सरकार का बड़ा दांव, शुभेंदु कैबिनेट में मतुआ से आदिवासी नेताओं तक को मिली जगह

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पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने के साथ राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Suvendu Adhikari ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपनी नई कैबिनेट का गठन किया, जिसमें सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर खास ध्यान दिया गया है। इस कैबिनेट में मतुआ समुदाय, आदिवासी समाज, ओबीसी और राजवंशी नेताओं को जगह देकर भाजपा ने 2026 के चुनावी समीकरणों को मजबूत करने की कोशिश की है। भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष Agnimitra Paul को अहम जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है। फैशन डिजाइनर से नेता बनीं अग्निमित्रा पॉल ने आसनसोल दक्षिण सीट से बड़ी जीत दर्ज की थी और बंगाल में महिला नेतृत्व का बड़ा चेहरा बनकर उभरी हैं।


कैबिनेट में शामिल वरिष्ठ भाजपा नेता Dilip Ghosh को संगठन मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है। आरएसएस पृष्ठभूमि से आने वाले दिलीप घोष ने बंगाल भाजपा को बूथ स्तर तक मजबूत किया। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री Nisith Pramanik भी शुभेंदु सरकार का हिस्सा बने हैं। राजवंशी समुदाय से आने वाले निशिथ प्रमाणिक ने कम उम्र में राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई थी। भाजपा ने उत्तर बंगाल और सीमावर्ती इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उन्हें अहम चेहरा माना है।


नई कैबिनेट में मतुआ समुदाय के प्रभावशाली नेता Ashok Kirtania और आदिवासी नेता Kshudiram Tudu को भी शामिल किया गया है। अशोक कीर्तानिया ने बनगांव उत्तर सीट से जीत दर्ज की, जबकि क्षुदीराम टुडु ने रानीबंध एसटी सीट पर भाजपा को बड़ी सफलता दिलाई। शिक्षक से नेता बने टुडु की साफ छवि और आदिवासी समाज में पकड़ भाजपा के लिए अहम मानी जा रही है। शुभेंदु अधिकारी की यह कैबिनेट बंगाल में भाजपा की सामाजिक इंजीनियरिंग और नए राजनीतिक विस्तार का बड़ा संकेत मानी जा रही है।

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