Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ग्रेनो में अवैध डंपिंग पर प्राधिकरण सख्त, एम्स गोल्ड होम पर 40,400 रुपये का जुर्माना ● पांच विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच होगा जूनियर चैंपियनशिप स्पोर्ट्स कार्निवल 2026 ● जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलेगा, नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने को योगी कैबिनेट की मंजूरी ● ग्रेटर नोएडा से KGP तक बनेगी सीधी कनेक्टिविटी, 105 मीटर चौड़ी सड़क का होगा विस्तार ● वॉलीबॉल चैंपियंस लीग: अयोध्या गर्जन और नम्मा बेंगलुरु स्मैशर्स की शानदार जीत ● क्लासरूम से समुदाय तक बच्चों की सुरक्षा पर शारदा स्कूल ऑफ लॉ ने चलाया जागरूकता अभियान ● एम.एम.एच. कॉलेज में वन्यजीव सप्ताह का समापन, पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाई रचनात्मकता ● गौतमबुद्ध नगर पुलिस में बड़ा फेरबदल, अभय कुमार मिश्र बने ADCP ग्रेटर नोएडा ● जेवर एयरपोर्ट पर यात्रियों का हंगामा, लखनऊ जाने वाली फ्लाइट करीब तीन घंटे लेट ● दिल्ली-NCR में बदलेगा मौसम, 9 अक्तूबर को बारिश और तेज हवाओं का अनुमान

Iran: खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होंगे पीएम मोदी? राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने भेजा विशेष निमंत्रण

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि समारोह में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भेजा है। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, खामेनेई के निधन के बाद ईरान में आयोजित होने वाले यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
top-news

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि समारोह में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भेजा है। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, खामेनेई के निधन के बाद ईरान में आयोजित होने वाले यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि दुनिया भर के कई राष्ट्राध्यक्ष और वरिष्ठ नेता इन समारोहों में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी को भेजा गया यह निमंत्रण भारत-ईरान संबंधों के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से अभी तक इस निमंत्रण पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।


जानकारी के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई के सम्मान में 5 जुलाई से 9 जुलाई तक तेहरान, कोम और मशहद में कई धार्मिक, सामाजिक और सरकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 5, 6 और 7 जुलाई को राजधानी तेहरान और पवित्र शहर कोम में विशेष श्रद्धांजलि सभाएं होंगी, जबकि 9 जुलाई को मशहद में अंतिम और सबसे बड़ा स्मृति समारोह आयोजित किया जाएगा। ईरान सरकार इन आयोजनों को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में जुटी हुई है। खामेनेई के समर्थकों और धार्मिक नेताओं के अलावा दुनिया के विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।


अयातुल्ला अली खामेनेई करीब तीन दशकों तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे और उन्होंने देश की राजनीति, विदेश नीति तथा धार्मिक व्यवस्था पर गहरा प्रभाव छोड़ा। उनके निधन के बाद यह पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन होगा, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस निमंत्रण को स्वीकार करेंगे और ईरान जाएंगे या नहीं। भारत सरकार के आधिकारिक रुख का इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि इस यात्रा का असर भारत-ईरान संबंधों के साथ-साथ पश्चिम एशिया की कूटनीतिक राजनीति पर भी पड़ सकता है।