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एसीईओ की बिल्डरों को दो टूक, 31 दिसंबर तक कराएं रजिस्ट्री, नहीं तो राहत पैकेज होगा वापस

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  • एसीईओ बोले, एनओसी के नाम पर बायर्स से शुल्क लेना बंद करें
  • लीज डीड पर विलंब शुल्क से राहत की अंतिम तिथि 21 जनवरी

ग्रेटर नोएडा। कपिल चौधरी

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने बिल्डरों को दो टूक कहा है कि पेंडिंग फ्लैटों की रजिस्ट्री 31 दिसंबर तक संपन्न कराएं, अन्यथा अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों से बिल्डरों को दी गई राहत को प्राधिकरण वापस ले लेगा। एसीईओ ने एनओसी के नाम पर फ्लैट खरीदारों से मोटी रकम ऐंठने वाले बिल्डरों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। एसीईओ ने साफ कहा है कि लीज डीड पर विलंब शुल्क से राहत सिर्फ 21 जनवरी 2025 तक ही है। इसके बाद और समय नहीं दिया जाएगा।

एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने बिल्डरों के साथ बृहस्पतिवार को प्राधिकरण के बोर्ड रूम में बैठक की, जिसमें बिल्डर विभाग की तरफ से प्रोजेक्टवार स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने भी फ्लैटों की रजिस्ट्री लटकाने वाले बिल्डरों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसीईओ ने कहा कि यह आखिरी मौका है। 31 दिसंबर तक फ्लैटों की रजिस्ट्री न कराने वाले बिल्डरों को अब और समय नहीं दिया जाएगा। ऐसे बिल्डरों सेे अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के आधार पर मिली रिलीफ को वापस लेने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्राधिकरण के बिल्डर विभाग को भी फ्लैट खरीदारों के नाम रजिस्ट्री पर अधिक जोर देने और लापरवाही करने वाले बिल्डरों के आवंटन रद्द करने के निर्देश दिए। 

बता दें, कि ग्रेटर नोएडा के कुल 98 प्रोजेक्ट्स में से अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों पर तैयार पॉलिसी के दायरे में आने वाले 76 प्रोजेक्ट हैं। इन परियोजनाओं के लिए बिल्डरों की तरफ से 25 फीसदी धनराशि (पूर्ण व आंशिक मिलाकर) जमा कराई जा गई है। इन परियोजनाओं में 62912 फ्लैट हैं, जिनमें से 38661 के लिए कार्यपूर्ति प्रमाणपत्र जारी किया गया। अब तक लगभग 31600 फ्लैटों की रजिस्ट्री हो चुकी है। अभी भी 34 बिल्डर परियोजनाओं में लगभग 7000 फ्लैटों की रजिस्ट्री बाकी है। प्राधिकरण इन 31600 फ्लैटों की रजिस्ट्री कराने के लिए प्रयासरत है। प्राधिकरण की मंषा है कि 21 जनवरी 2025 को विलंब शुल्क से छूट खत्म होने से पहले बायर्स के नाम इन फ्लैटों की रजिस्ट्री संपन्न हो जाए, ताकि बायर्स पर विलंब शुल्क का बोझ न पडे़। वहीं, एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने एनओसी के नाम पर खरीदारों से अधिक शुल्क वसूल रहे बिल्डरों को भी फटकार लगाई। उन्होंने एनओसी के लिए खरीदारों से निर्धारित शुल्क से अधिक लेने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। इस बैठक में बिल्डर विभाग की मैनेजर स्नेहलता व 30 से अधिक बिल्डर प्रतिनिधि मौजूद रहे।

फ्लैटों की रजिस्ट्री न कराने वाले पांच बड़े प्रोजेक्ट

बिल्डर –  सेक्टर – फ्लैट

1. यमुना बिल्डटेक (मिग्सन विलासा) –ईटा टू –763

2. देविका गोल्डहोम –सेक्टर-1 –714

3. एसडीएस इंफ्राटेक –ओमेगा टू –396

4. अजय इंटरप्राइज –सेक्टर-2 –240

5. महालक्ष्मी बिल्डटेक (मिग्सन अल्टिमो)– ओमीक्रॉन-3 -145