Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING
NEWS
● पांच विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच होगा जूनियर चैंपियनशिप स्पोर्ट्स कार्निवल 2026
● जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलेगा, नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने को योगी कैबिनेट की मंजूरी
● ग्रेटर नोएडा से KGP तक बनेगी सीधी कनेक्टिविटी, 105 मीटर चौड़ी सड़क का होगा विस्तार
● वॉलीबॉल चैंपियंस लीग: अयोध्या गर्जन और नम्मा बेंगलुरु स्मैशर्स की शानदार जीत
● क्लासरूम से समुदाय तक बच्चों की सुरक्षा पर शारदा स्कूल ऑफ लॉ ने चलाया जागरूकता अभियान
● एम.एम.एच. कॉलेज में वन्यजीव सप्ताह का समापन, पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाई रचनात्मकता
● गौतमबुद्ध नगर पुलिस में बड़ा फेरबदल, अभय कुमार मिश्र बने ADCP ग्रेटर नोएडा
● जेवर एयरपोर्ट पर यात्रियों का हंगामा, लखनऊ जाने वाली फ्लाइट करीब तीन घंटे लेट
● दिल्ली-NCR में बदलेगा मौसम, 9 अक्तूबर को बारिश और तेज हवाओं का अनुमान
● लखनऊ में गोमती की बाढ़ विकराल, प्लासियो मॉल और इकाना स्टेडियम के सामने भरा पानी
डीएफसीसी कॉरिडोर पर नया कीर्तिमान, एक दिन में 892 मालगाड़ियों का संचालन
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) के ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर पर रविवार को मालगाड़ियों के संचालन का नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया।
- sakshi choudhary
- 13 Jan, 2026
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) के ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर पर रविवार को मालगाड़ियों के संचालन का नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया। इस दिन दोनों कॉरिडोर और भारतीय रेल के पांच अलग-अलग जोनों के बीच कुल 892 मालगाड़ियों का इंटरचेंज हुआ। इससे पहले यह रिकॉर्ड 4 जनवरी को बना था, जब 865 मालगाड़ियां चली थीं। फ्रेट कॉरिडोर के शुरू होने के बाद से लगातार freight movement में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
पिछले वर्ष से ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर नियमित रूप से ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इन कॉरिडोर पर मालगाड़ियों की औसत गति 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहती है, जिससे coal, cement, container और agriculture products की तेज और सुरक्षित ढुलाई संभव हो रही है। DFCCIL के अनुसार तेज गति और बेहतर timetable management के कारण न केवल freight logistics को मजबूती मिली है, बल्कि पारंपरिक रेल नेटवर्क पर दबाव भी कम हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक signalling system, digital control room और real-time traffic management की मदद से ट्रेनों की गति और अंतराल को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा रहा है। दो स्टेशनों के बीच बेहतर coordination से ट्रेनों को कम समय में मार्ग पार करने में मदद मिल रही है, जिससे fuel saving भी हो रही है। फ्रेट कॉरिडोर पर बढ़ती ट्रेनों की संख्या से logistics sector को नई रफ्तार मिलने के साथ-साथ उद्योग जगत को समय पर डिलीवरी का लाभ मिल रहा है।