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AI Impact Summit में Galgotias University का स्टॉल हटाया गया, ‘Unitree Go2’ रोबोटिक डॉग विवाद पर सरकार सख्त
AI Impact Summit के दौरान Galgotias University को अपना स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया, जब विश्वविद्यालय पर चीन में निर्मित ‘Unitree Go2’ रोबोटिक डॉग को अपने innovation के रूप में प्रदर्शित करने का आरोप लगा।
- sakshi choudhary
- 18 Feb, 2026
AI Impact Summit के दौरान Galgotias University को अपना स्टॉल खाली करने के लिए कहा गया, जब विश्वविद्यालय पर चीन में निर्मित ‘Unitree Go2’ रोबोटिक डॉग को अपने innovation के रूप में प्रदर्शित करने का आरोप लगा। यह विवाद तब शुरू हुआ जब संचार की प्रोफेसर नेहा सिंह ने डीडी न्यूज को ‘ओरियन’ नाम से एक रोबोटिक डॉग दिखाते हुए बताया कि इसे विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस द्वारा विकसित किया गया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने दावा किया कि यह मॉडल वास्तव में चीन की यूनिट्री रोबोटिक्स कंपनी द्वारा बनाया गया है और वैश्विक स्तर पर research व education में उपयोग होता है।
विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाया। सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने स्पष्ट कहा कि सरकार नहीं चाहती कि कोई भी प्रदर्शक किसी और के उत्पाद को अपना मौलिक उत्पाद बताकर पेश करे। उन्होंने कहा कि यदि कोई गुमराह करता है तो ऐसे प्रदर्शकों को अनुमति नहीं दी जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह ने भी कहा कि सरकार का उद्देश्य innovation को दबाना नहीं है, लेकिन प्रस्तुति तथ्यों के अनुरूप और पारदर्शी होनी चाहिए।
आलोचनाओं के बाद Galgotias University और प्रोफेसर नेहा सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि रोबोट विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित नहीं है और ऐसा कोई दावा आधिकारिक रूप से नहीं किया गया। विश्वविद्यालय ने बयान में कहा कि रोबोटिक प्रोग्रामिंग छात्रों को AI सिखाने और वैश्विक उपकरणों के माध्यम से practical skills विकसित करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रोफेसर नेहा सिंह ने भी कहा कि विवाद संभवतः स्पष्ट संप्रेषण की कमी के कारण हुआ। बुधवार को प्रदर्शनी स्थल पर विश्वविद्यालय के स्टॉल पर कोई उपकरण प्रदर्शित नहीं किया गया, हालांकि कुछ छात्र वहां मौजूद रहे। सरकार ने इस मामले में साफ संदेश दिया कि किसी भी मंच पर innovation का दावा तथ्यात्मक और पारदर्शी होना चाहिए।