Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● पांच विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच होगा जूनियर चैंपियनशिप स्पोर्ट्स कार्निवल 2026 ● जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलेगा, नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने को योगी कैबिनेट की मंजूरी ● ग्रेटर नोएडा से KGP तक बनेगी सीधी कनेक्टिविटी, 105 मीटर चौड़ी सड़क का होगा विस्तार ● वॉलीबॉल चैंपियंस लीग: अयोध्या गर्जन और नम्मा बेंगलुरु स्मैशर्स की शानदार जीत ● क्लासरूम से समुदाय तक बच्चों की सुरक्षा पर शारदा स्कूल ऑफ लॉ ने चलाया जागरूकता अभियान ● एम.एम.एच. कॉलेज में वन्यजीव सप्ताह का समापन, पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाई रचनात्मकता ● गौतमबुद्ध नगर पुलिस में बड़ा फेरबदल, अभय कुमार मिश्र बने ADCP ग्रेटर नोएडा ● जेवर एयरपोर्ट पर यात्रियों का हंगामा, लखनऊ जाने वाली फ्लाइट करीब तीन घंटे लेट ● दिल्ली-NCR में बदलेगा मौसम, 9 अक्तूबर को बारिश और तेज हवाओं का अनुमान ● लखनऊ में गोमती की बाढ़ विकराल, प्लासियो मॉल और इकाना स्टेडियम के सामने भरा पानी

गौतमबुद्ध नगर में किसानों का बढ़ा निवेश, 10 महीनों में बैंकों से लिया 15, 896 करोड़ का कृषि ऋण

नोएडा के गौतमबुद्ध नगर जिले में वर्ष 2025 के दौरान किसानों ने खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए बैंकों से बड़े पैमाने पर ऋण लिया है।
top-news

नोएडा के गौतमबुद्ध नगर जिले में वर्ष 2025 के दौरान किसानों ने खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए बैंकों से बड़े पैमाने पर ऋण लिया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जिले के किसानों ने कुल 84,005 खातों के माध्यम से 15,896 करोड़ रुपये का कृषि ऋण लिया। रिपोर्ट के अनुसार किसान बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई के पंप, ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्र खरीदने के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, कोल्ड स्टोरेज, गोदाम, पैकिंग-ग्रेडिंग और वैल्यू एडिशन जैसी गतिविधियों में भी इस राशि का निवेश कर रहे हैं। इस दौरान महिला और पुरुष दोनों किसानों की भागीदारी बैंकिंग व्यवस्था में बढ़ती हुई देखी गई है। इस रिपोर्ट को पत्रकार ज्योति कार्की ने संकलित किया है।


तिमाही आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से जून के बीच प्रायरिटी सेक्टर में 12,741 खातों के जरिए 1,086 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। जुलाई से सितंबर के दौरान खातों की संख्या बढ़कर 26,501 हो गई और वितरित राशि 1,641 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। वहीं अक्टूबर से दिसंबर के बीच प्रायरिटी सेक्टर में खातों की संख्या 44,281 तक पहुंच गई और 3,732 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया। नॉन-प्रायरिटी सेक्टर में भी ऋण वितरण में तेजी देखी गई, जहां पहली तिमाही में 1,014 करोड़ रुपये से शुरू हुआ आंकड़ा तीसरी तिमाही तक 6,308 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

जिले के अग्रणी जिला मुख्य प्रबंधक राकेश कटारिया के अनुसार वर्ष 2025 में किसानों द्वारा कृषि ऋण लेने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ी है और हर तिमाही में इसका ग्राफ ऊपर जाता दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकतर किसानों को प्रायरिटी सेक्टर के तहत रखा गया है और उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC योजना से जोड़ने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 3 लाख रुपये तक के ऋण पर एक वर्ष के भीतर भुगतान करने पर 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी मिलती है, जिससे प्रभावी ब्याज दर लगभग 4 प्रतिशत रह जाती है। इसी वजह से जिले के किसान समय पर भुगतान कर दोबारा लोन लेने के लिए पात्र बन रहे हैं और कृषि निवेश में तेजी देखने को मिल रही है।