Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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AIOC 2026 जयपुर में NIIMS के प्रो. (डॉ.) जतिंदर सिंह भल्ला को ‘सीनियर अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मान

NIIMS मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) जतिंदर सिंह भल्ला को AIOC 2026, जयपुर में ‘सीनियर अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें प्रो. जे.एस. तितियाल द्वारा प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उनके क्लिनिकल उत्कृष्टता, शैक्षणिक नेतृत्व और स्किल ट्रांसफर पहलों में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रमाण है, बल्कि भारत में नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में उनके प्रभाव को भी दर्शाती है।
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NIIMS मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) जतिंदर सिंह भल्ला को AIOC 2026, जयपुर में ‘सीनियर अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें प्रो. जे.एस. तितियाल द्वारा प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उनके क्लिनिकल उत्कृष्टता, शैक्षणिक नेतृत्व और स्किल ट्रांसफर पहलों में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रमाण है, बल्कि भारत में नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में उनके प्रभाव को भी दर्शाती है।


सम्मेलन के दौरान प्रो. भल्ला ने बहुआयामी भूमिका निभाते हुए स्पीकर, जज, पैनलिस्ट, मॉडरेटर, इंस्ट्रक्टर और को-इंस्ट्रक्टर के रूप में सक्रिय योगदान दिया। साथ ही, उन्होंने DSTC (डायग्नोस्टिक स्किल ट्रांसफर कोर्सेस) के कन्वीनर के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। उनके सत्रों में इंट्यूमेसेंट कैटरैक्ट, लेजर थेरेपी के चयन, ऑप्टिक नर्व कपिंग की पैथोफिजियोलॉजी, परफेक्ट बायोमेट्री और पोस्टेरियर पोलर कैटरैक्ट जैसे जटिल विषय शामिल रहे। इन प्रस्तुतियों को विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने काफी सराहा, जिससे उनकी विशेषज्ञता और नवाचार की सोच स्पष्ट रूप से सामने आई।


इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रो. भल्ला ने इसे अपने मेंटर्स, सहयोगियों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी नेत्र चिकित्सा शिक्षा को आगे बढ़ाने, ज्ञान साझा करने और मरीजों की देखभाल के मानकों को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। AIOC 2026 में मिला यह सम्मान भारतीय नेत्र चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।