Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● यूपी में 3572 युवाओं को नियुक्ति पत्र, योगी का बड़ा एलान- छह महीने में एक लाख और सरकारी नौकरियां ● पर्थला चौक पर 80 करोड़ से बनेगा 6-लेन अंडरपास, नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों को मिलेगी जाम से राहत ● ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में अधिकारियों के कार्यों का फेरबदल, 130 मीटर रोड और अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी तय ● ग्रेटर नोएडा की सोसायटी पार्किंग में फॉर्च्यूनर के टायर-रिम से छेड़छाड़, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल ● यूपी में PDA पर सियासी घमासान, योगी के बयान पर अखिलेश का पलटवार ● PM Modi: भाजपा की नई टीम के साथ आज बैठक, पदाधिकारियों को करेंगे संबोधित ● दिल्ली में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या, ससुराल पक्ष पर पीट-पीटकर मारने का आरोप ● नोएडा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने निजी लैब का किया उद्घाटन ● ग्रेटर नोएडा में 15 कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई, बंद करने का नोटिस ● सड़क किनारे अतिक्रमण पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, 12 अवैध दुकानें ध्वस्त

GNIDA: एक माह बीता, न सर्वे हुआ न फेंसिंग, ग्रेनो प्राधिकरण की योजना पर सवाल

Greater Noida Industrial Development Authority (GNIDA) द्वारा प्राधिकरण की अधिग्रहित जमीनों को चिन्हित कर उनकी तार फेंसिंग कराने और अतिक्रमण हटाने की योजना अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। करीब एक माह पहले प्राधिकरण के एसीईओ स्तर से 14 गांवों में सर्वे कर कार्रवाई शुरू करने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक किसी भी गांव में न तो जमीन चिन्हित की गई है और न ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो पाई है।
top-news

Greater Noida Industrial Development Authority (GNIDA) द्वारा प्राधिकरण की अधिग्रहित जमीनों को चिन्हित कर उनकी तार फेंसिंग कराने और अतिक्रमण हटाने की योजना अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। करीब एक माह पहले प्राधिकरण के एसीईओ स्तर से 14 गांवों में सर्वे कर कार्रवाई शुरू करने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक किसी भी गांव में न तो जमीन चिन्हित की गई है और न ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो पाई है।

दरअसल, प्राधिकरण क्षेत्र के कई गांवों में अधिग्रहित जमीन पर लगातार अतिक्रमण की शिकायतें सामने आ रही थीं। इस पर प्राधिकरण की ओर से बताया गया था कि सर्वे कराकर प्राधिकरण की जमीन को चिन्हित किया जाएगा और जहां अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां अभियान चलाकर उसे हटाया जाएगा। साथ ही जमीन की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग भी कराई जाएगी।

हालांकि एक माह बीत जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। स्थिति जस की तस बनी हुई है और अधिग्रहित जमीन पर अतिक्रमण जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में प्राधिकरण की जमीन पर और ज्यादा कब्जे हो सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक प्राधिकरण के स्तर पर सर्वे की योजना तो बनाई गई थी, लेकिन अब तक इसे अमल में नहीं लाया जा सका है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर प्राधिकरण द्वारा घोषित कार्रवाई कब शुरू होगी और अधिग्रहित जमीनों को अतिक्रमण से कब मुक्त कराया जाएगा।