Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में 5 करोड़ का फर्जीवाड़ा: तत्कालीन रजिस्ट्रार सहित 12 कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज

ग्रेटर नोएडा: गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें करीब 5 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर इकोटेक प्रथम कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. विश्वास त्रिपाठी, तत्कालीन वित्त अधिकारी नीरज कुमार, लेखाधिकारी शिलेंद्र कुमार सहित कुल 12 कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन लोगों ने छात्रों द्वारा जमा की गई फीस में भारी हेराफेरी की और विश्वविद्यालय के वित्तीय रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां कीं।
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ग्रेटर नोएडा: गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें करीब 5 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर इकोटेक प्रथम कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. विश्वास त्रिपाठी, तत्कालीन वित्त अधिकारी नीरज कुमार, लेखाधिकारी शिलेंद्र कुमार सहित कुल 12 कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन लोगों ने छात्रों द्वारा जमा की गई फीस में भारी हेराफेरी की और विश्वविद्यालय के वित्तीय रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां कीं।


शिकायत के अनुसार, जांच में पाया गया कि छात्रों द्वारा जमा की गई फीस को जानबूझकर सिस्टम में दर्ज तो किया गया, लेकिन वास्तविक राशि विश्वविद्यालय के बैंक खाते में जमा नहीं हुई। इसके बजाय नकली यूपीआई लेन-देन रसीदों को विश्वविद्यालय के शुल्क संग्रह सॉफ्टवेयर में अपलोड कर दिया गया, जिससे यह दिखाया जा सके कि फीस प्राप्त हो चुकी है। यह मामला पिछले लंबे समय से चल रही आंतरिक जांच के बाद सामने आया, जिसमें केवल एक वर्ष के रिकॉर्ड की जांच में ही करोड़ों के गबन की पुष्टि हुई है। आशंका जताई जा रही है कि यदि पूरे पांच वर्षों की जांच की जाए तो घोटाले की राशि और भी अधिक हो सकती है।


फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपियों की भूमिका की गहन पड़ताल की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन में इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह मामला शिक्षा संस्थानों में वित्तीय पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।