Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलेगा, नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने को योगी कैबिनेट की मंजूरी ● ग्रेटर नोएडा से KGP तक बनेगी सीधी कनेक्टिविटी, 105 मीटर चौड़ी सड़क का होगा विस्तार ● वॉलीबॉल चैंपियंस लीग: अयोध्या गर्जन और नम्मा बेंगलुरु स्मैशर्स की शानदार जीत ● क्लासरूम से समुदाय तक बच्चों की सुरक्षा पर शारदा स्कूल ऑफ लॉ ने चलाया जागरूकता अभियान ● एम.एम.एच. कॉलेज में वन्यजीव सप्ताह का समापन, पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाई रचनात्मकता ● गौतमबुद्ध नगर पुलिस में बड़ा फेरबदल, अभय कुमार मिश्र बने ADCP ग्रेटर नोएडा ● जेवर एयरपोर्ट पर यात्रियों का हंगामा, लखनऊ जाने वाली फ्लाइट करीब तीन घंटे लेट ● दिल्ली-NCR में बदलेगा मौसम, 9 अक्तूबर को बारिश और तेज हवाओं का अनुमान ● लखनऊ में गोमती की बाढ़ विकराल, प्लासियो मॉल और इकाना स्टेडियम के सामने भरा पानी ● ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड: किसी का सामान जला तो किसी की जिंदगी भर की जमा-पूंजी

नोएडा बवाल: पाकिस्तान कनेक्शन का दावा, 13 FIR और 62 गिरफ्तार – बड़ी साजिश का खुलासा

नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए श्रमिक प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें कई औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार, इस पूरे मामले के पीछे दो ऐसे एक्स (X) हैंडल की भूमिका सामने आई है, जिन्हें पाकिस्तान से संचालित बताया जा रहा है। इन सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भड़काऊ पोस्ट फैलाकर श्रमिकों को गुमराह करने और हिंसा के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस का दावा है कि इन पोस्टों में गलत और भ्रामक जानकारी साझा की गई, जिससे माहौल बिगड़ा।
top-news

नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए श्रमिक प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें कई औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार, इस पूरे मामले के पीछे दो ऐसे एक्स (X) हैंडल की भूमिका सामने आई है, जिन्हें पाकिस्तान से संचालित बताया जा रहा है। इन सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भड़काऊ पोस्ट फैलाकर श्रमिकों को गुमराह करने और हिंसा के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस का दावा है कि इन पोस्टों में गलत और भ्रामक जानकारी साझा की गई, जिससे माहौल बिगड़ा।


जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जमीन पर इस आंदोलन को “मजदूर बिगुल दस्ता” नामक संगठन से जुड़े कुछ लोगों ने और अधिक भड़काया। पुलिस ने संगठन के प्रमुख रूपेश रॉय, मनीषा चौहान और आदित्य आनंद को इस साजिश का मुख्य आरोपी बताया है, जिनमें से कुछ को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि एक आरोपी फरार है। बताया गया है कि इन लोगों ने अलग-अलग जगह मजदूरों की बैठकें कर उन्हें उकसाया और विरोध प्रदर्शन को हिंसक रूप दिया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान 300 से अधिक कंपनियों में नुकसान पहुंचा।


पुलिस ने अब तक इस मामले में 13 एफआईआर दर्ज करते हुए 62 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें कई लोग सीधे श्रमिक नहीं बल्कि उकसाने और हिंसा फैलाने में शामिल थे। प्रशासन ने हिंसा में शामिल आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही, उनकी फंडिंग और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।