Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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शनि देव जयंती पर Baglamukhi Swarn Nagri Mandir में भव्य भक्ति आयोजन, यज्ञ-हवन और भंडारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

Baglamukhi Swarn Nagri Mandir में शनि देव जयंती के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में भव्य भंडारे, यज्ञ और हवन का आयोजन बड़े ही विधि-विधान के साथ किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शनि देव की पूजा-अर्चना की। भक्तों ने हवन कुंड में आहुतियां अर्पित कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर “जय शनिदेव” के जयकारों से गूंजता रहा और वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
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Baglamukhi Swarn Nagri Mandir में शनि देव जयंती के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में भव्य भंडारे, यज्ञ और हवन का आयोजन बड़े ही विधि-विधान के साथ किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शनि देव की पूजा-अर्चना की। भक्तों ने हवन कुंड में आहुतियां अर्पित कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर “जय शनिदेव” के जयकारों से गूंजता रहा और वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।


इस धार्मिक आयोजन का संचालन मंदिर के आचार्य आचार्य सूर्य देव द्विवेदी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उन्होंने शनि देव की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि शनि देव की सच्चे मन से की गई आराधना जीवन की कठिनाइयों, बाधाओं और नकारात्मक प्रभावों को दूर करने में सहायक होती है। आचार्य ने श्रद्धालुओं को धर्म, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी तथा कहा कि नियमित पूजा-अर्चना से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और कर्मों का संतुलन स्थापित होता है।


कार्यक्रम के अंत में मंदिर प्रशासन की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। भक्तों ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पुण्य अर्जित किया। पूरे आयोजन ने सामाजिक एकता और आध्यात्मिक आस्था का संदेश दिया। अंत में मंदिर परिसर एक बार फिर “जय शनिदेव” के उद्घोष से गूंज उठा और यह धार्मिक आयोजन श्रद्धा, सेवा और भक्ति का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।