Heatwave Alert: गर्मी बना रही मानसिक रोगी, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
- sakshi choudhary
- 25 May, 2026
दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी अब केवल शारीरिक बीमारियों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसका असर लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी तेजी से दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते तापमान की वजह से लोगों में तनाव, चिड़चिड़ापन, बेचैनी और मानसिक अस्थिरता जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी दिमाग के रसायनों को प्रभावित करती है, जिससे व्यवहार और मानसिक संतुलन पर सीधा असर पड़ता है। यही कारण है कि इन दिनों अस्पतालों में मानसिक तनाव और अवसाद से जुड़े मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। गर्मी के कारण उल्टी, दस्त, बुखार, थकान और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं के साथ-साथ मानसिक परेशानियां भी तेजी से सामने आ रही हैं।
ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में भी गर्मी के कारण मानसिक समस्याओं से जूझ रहे मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिम्स के मनोरोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक भारती के अनुसार, गर्म मौसम में नींद की कमी, शरीर में पानी की कमी और लगातार असहजता मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि कई लोगों में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, गुस्सा, तनाव और थकान जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, सामान्य रूप से स्वस्थ व्यक्ति भी इस मौसम में मानसिक रूप से अस्थिर महसूस कर सकता है। अस्पताल में हर दिन दो से तीन ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जो गर्मी के कारण मानसिक तनाव या व्यवहार संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी के मौसम में अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्का और संतुलित भोजन करना, तेज धूप से बचना और शरीर को ठंडा रखना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही नियमित दिनचर्या और पर्याप्त नींद मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार घबराहट, बेचैनी, चिड़चिड़ापन या मानसिक अस्थिरता महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते विशेषज्ञ से सलाह लेने पर गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। बढ़ती गर्मी के बीच मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।