Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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गौतमबुद्धनगर पुलिस की बड़ी साइबर सफलता: 141 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी राशि फ्रीज, 75 करोड़ रुपये पीड़ितों को लौटाए गए

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र के पर्यवेक्षण में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
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कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र के पर्यवेक्षण में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। 1 दिसंबर 2022 से 31 मई 2026 तक साइबर ठगी के मामलों में अपराधियों द्वारा हड़पी गई 141.74 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को फ्रीज कराया गया, जबकि 75.10 करोड़ रुपये से अधिक की रकम पीड़ितों को वापस दिलाई गई। इस दौरान पश्चिम बंगाल, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और गुजरात समेत कई राज्यों में सक्रिय साइबर नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने PMEGP सब्सिडी, विदेश नौकरी, Cruise/Navy Recruitment Scam, Credit Card Fraud, APK Hacking और Fake E-commerce Transactions जैसे मामलों में संचालित अवैध कॉल सेंटर्स का भी भंडाफोड़ किया।


साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कई हाई-प्रोफाइल मामलों का सफल खुलासा किया गया। जुलाई 2024 में नैनीताल बैंक के सर्वर हैक कर करीब 16 करोड़ रुपये की साइबर चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक नाइजीरियाई नागरिक सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं दिसंबर 2024 में UK Vendor Email Fraud के जरिए एक कंपनी से ठगे गए 1.55 करोड़ रुपये पुलिस की त्वरित कार्रवाई से वापस कराए गए। इसके अलावा फरवरी 2025 में Germany-based Vendor Phishing Scam में साइबर अपराधियों द्वारा हड़पे गए 5.07 करोड़ रुपये भी ईमेल ट्रेल, डिजिटल फॉरेंसिक और बैंकिंग रिकॉर्ड के विश्लेषण के बाद पीड़ित कंपनी को लौटाने में सफलता मिली। इन मामलों ने साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन में गौतमबुद्धनगर पुलिस की तकनीकी दक्षता और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को साबित किया है।

कमिश्नरेट की साइबर क्राइम यूनिट ने केवल अपराधियों को पकड़ने तक ही सीमित न रहते हुए संभावित साइबर ठगी को भी समय रहते रोकने का काम किया। साइबर कमांडो सचिन धामा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने I4C और NPCI के सहयोग से एक बड़े Online Investment Fraud Network का पर्दाफाश किया। सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी शेयर बाजार और निवेश योजनाओं में फंसाए जा रहे तमिलनाडु, गुजरात, तेलंगाना, ओडिशा और राजस्थान के कई लोगों को समय रहते अलर्ट कर करोड़ों रुपये के संभावित नुकसान से बचाया गया। आधुनिक तकनीक, डिजिटल इंटेलिजेंस और प्रभावी समन्वय के बल पर गौतमबुद्धनगर पुलिस लगातार साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए आम नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।