Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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दादरी की 100 करोड़ की पेयजल परियोजना पर घिरा प्रशासन, 12 साल बाद भी नहीं मिला पानी; उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज

ग्रेटर नोएडा के दादरी नगर में वर्ष 2014 से निर्माणाधीन पेयजल परियोजना एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है।
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ग्रेटर नोएडा के दादरी नगर में वर्ष 2014 से निर्माणाधीन पेयजल परियोजना एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत नगर के एक लाख से अधिक लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी परियोजना धरातल पर पूरी तरह साकार नहीं हो सकी है। छह पानी की टंकियां बनने के बावजूद नगरवासियों को अब तक इस परियोजना से एक बूंद पानी भी नहीं मिल पाया है। इसी मुद्दे को लेकर जय हो एक सामाजिक संस्था ने कलेक्ट्रेट सूरजपुर पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।


प्रदर्शन का नेतृत्व संस्था के संस्थापक संयोजक एडवोकेट कपिल शर्मा ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह परियोजना अब विकास की बजाय भ्रष्टाचार, लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का उदाहरण बन चुकी है। संस्था के अध्यक्ष संदीप भाटी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद परियोजना का वर्षों तक अधूरा रहना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं पूर्व अध्यक्ष दिनेश भाटी एडवोकेट ने कहा कि दादरी की जनता लंबे समय से पेयजल संकट झेल रही है और करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सुविधा नहीं मिलना बेहद चिंताजनक है। संस्था ने मांग की है कि वर्ष 2014 से अब तक हुए सभी खर्चों, लागत वृद्धि और कार्य प्रगति का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अनुराग चंद्र सारस्वत ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले को गंभीरता से लिया और जल निगम व नगर पालिका परिषद के अधिकारियों से फोन पर जानकारी प्राप्त की। संस्था ने ज्ञापन में विशेष ऑडिट, लागत वृद्धि की समीक्षा, जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शन में संस्था के संरक्षक प्रमोद शर्मा एडवोकेट, महासचिव परमानंद कौशिक एडवोकेट, संजय शर्मा एडवोकेट, सुमंत दीक्षित एडवोकेट, गुलशन शर्मा एडवोकेट, सुरजीत विकल एडवोकेट, पुष्प शर्मा एडवोकेट, हरीश बैसोया एडवोकेट और सचिन शर्मा एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। संस्था ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।