Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ग्रेटर नोएडा से KGP तक बनेगी सीधी कनेक्टिविटी, 105 मीटर चौड़ी सड़क का होगा विस्तार ● वॉलीबॉल चैंपियंस लीग: अयोध्या गर्जन और नम्मा बेंगलुरु स्मैशर्स की शानदार जीत ● क्लासरूम से समुदाय तक बच्चों की सुरक्षा पर शारदा स्कूल ऑफ लॉ ने चलाया जागरूकता अभियान ● एम.एम.एच. कॉलेज में वन्यजीव सप्ताह का समापन, पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाई रचनात्मकता ● गौतमबुद्ध नगर पुलिस में बड़ा फेरबदल, अभय कुमार मिश्र बने ADCP ग्रेटर नोएडा ● जेवर एयरपोर्ट पर यात्रियों का हंगामा, लखनऊ जाने वाली फ्लाइट करीब तीन घंटे लेट ● दिल्ली-NCR में बदलेगा मौसम, 9 अक्तूबर को बारिश और तेज हवाओं का अनुमान ● लखनऊ में गोमती की बाढ़ विकराल, प्लासियो मॉल और इकाना स्टेडियम के सामने भरा पानी ● ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड: किसी का सामान जला तो किसी की जिंदगी भर की जमा-पूंजी ● ग्रेटर नोएडा में पेयजल समस्या पर RWA ने उठाई आवाज, CEO ने दिए स्थायी समाधान के निर्देश

खुले गड्ढे में समाई कार, बड़ा हादसा टला! ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कथित लापरवाही पर उठे सवाल

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-1 स्थित रेलवे विहार में शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
top-news

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-1 स्थित रेलवे विहार में शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गंगाजल पाइपलाइन की मरम्मत के लिए खोदा गया गहरा गड्ढा कई दिनों तक खुला पड़ा रहने के कारण एक कार उसमें जा गिरी। हादसे में प्रमोद नामक युवक की कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि चालक की जान बाल-बाल बच गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्यस्थल पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई थी और न ही चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर या अन्य सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। घटना के बाद क्षेत्र में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और संबंधित कार्यदायी संस्था की कार्यशैली को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो यह हादसा आसानी से टाला जा सकता था।


स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शहर में विकास कार्यों के नाम पर कई स्थानों पर सड़कें और पाइपलाइन के लिए गहरे गड्ढे खोद दिए जाते हैं, लेकिन उन्हें समय पर भरा नहीं जाता। कई जगह खुले गड्ढे लंबे समय तक आम नागरिकों के लिए खतरा बने रहते हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा लगातार खतरे में पड़ रही है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए और जहां खुदाई की जाए वहां पर्याप्त बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर तथा चेतावनी संकेत अनिवार्य रूप से लगाए जाएं ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार की जवाबदेही तय करने तथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते खुले गड्ढे की मरम्मत कर दी जाती और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए जाते तो यह दुर्घटना नहीं होती। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि किसी बड़ी जनहानि का इंतजार करने के बजाय ऐसी लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की जाए और शहर में चल रहे सभी विकास कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जाएं। नागरिकों का मानना है कि समय पर प्रभावी कदम उठाकर भविष्य में होने वाले बड़े हादसों को रोका जा सकता है।