ग्रेटर नोएडा वेस्ट: प्लास्टर गिरने की जानकारी सोशल मीडिया पर डालना पड़ा भारी, रक्षा एडेला सोसाइटी के निवासी को AOA का नोटिस
- sakshi choudhary
- 04 Jul, 2026
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की रक्षा एडेला सोसाइटी में लगातार हो रही प्लास्टर गिरने की घटनाओं ने अब नया विवाद खड़ा कर दिया है। सोसाइटी के निवासी राहुल राज को सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी साझा करना भारी पड़ गया। एसोसिएशन ऑफ ओनर्स (AOA) ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि तय समय में जवाब नहीं दिया गया तो AOA अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए आगे की कार्रवाई कर सकती है। राहुल राज का कहना है कि उन्होंने केवल निवासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्लास्टर गिरने की घटनाओं की जानकारी सार्वजनिक की थी और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी। उनका आरोप है कि सुरक्षा संबंधी मुद्दा उठाने पर उन्हें नोटिस देकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे AOA की तानाशाही करार देते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।
राहुल राज के अनुसार, बुधवार और गुरुवार लगातार दो दिनों तक सोसाइटी में प्लास्टर गिरने की घटनाएं हुईं, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया। घटना के बाद कई निवासियों ने AOA और मेंटेनेंस टीम से शिकायत की, जबकि कुछ लोग जिलाधिकारी मेधा रूपम से भी मिले और पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की। इसके साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का ध्यान इस ओर आकर्षित करने की कोशिश की गई। हालांकि AOA का कहना है कि सोसाइटी से जुड़ी शिकायतों को पहले एसोसिएशन या मेंटेनेंस टीम के सामने रखा जाना चाहिए था, न कि सार्वजनिक मंचों पर। AOA सचिव अंजनी कुमार पांडेय का आरोप है कि अधूरी और भ्रामक जानकारियां सार्वजनिक होने से सोसाइटी की छवि प्रभावित हो रही है और इससे यहां रहने वाले करीब 900 परिवारों तथा निवेशकों के हितों पर भी असर पड़ सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने हाईराइज सोसाइटियों में सुरक्षा, पारदर्शिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर निवासी सवाल उठा रहे हैं कि यदि भवन की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दे सामने आते हैं तो उन्हें सार्वजनिक करना गलत कैसे हो सकता है, वहीं दूसरी ओर AOA का कहना है कि बिना आधिकारिक जानकारी के ऐसे मामलों को सोशल मीडिया पर साझा करने से सोसाइटी की प्रतिष्ठा और फ्लैटों की बाजार कीमत प्रभावित होती है। लगातार प्लास्टर गिरने की घटनाओं के बीच यह विवाद अब केवल रखरखाव तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह इस बात का भी बड़ा सवाल बन गया है कि सोसाइटी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और सूचना साझा करने के अधिकार के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। आने वाले दिनों में इस मामले पर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।