ग्रेटर नोएडा में सफाई व्यवस्था के लिए अफसरों ने संभाला मोर्चा, हड़ताल के बीच सख्ती और निरीक्षण तेज
- sakshi choudhary
- 06 Jul, 2026
ग्रेटर नोएडा में ठेकेदारों के अधीन कार्यरत मैन्युअल सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर एसीईओ, ओएसडी, महाप्रबंधक, वरिष्ठ महाप्रबंधक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में उतार दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ परियोजना विभाग के सभी आठ वर्क सर्किलों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो लगातार निरीक्षण कर रही हैं और मौके पर ही सफाई सुनिश्चित कर रही हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, मैकेनिकल स्वीपिंग और कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की संख्या भी बढ़ा दी गई है ताकि शहर में स्वच्छता बनी रहे।
हड़ताल 1 जुलाई से कुछ आउटसोर्सिंग ठेकेदारों के सफाई कर्मियों द्वारा वेतन वृद्धि की मांग को लेकर जारी है। इस स्थिति को देखते हुए प्राधिकरण ने सभी वर्क सर्किलों में वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी है। अलग-अलग जोन में प्रबंधक और वरिष्ठ प्रबंधक लगातार फील्ड में निगरानी कर रहे हैं। गंदगी मिलने पर तत्काल सफाई कराई जा रही है। रविवार को अवकाश के बावजूद अधिकारी पूरे दिन निरीक्षण में जुटे रहे। उद्यान विभाग और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को भी सक्रिय कर दिया गया है। साथ ही ठेकेदारों को पर्याप्त सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई है।
सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक आउटसोर्सिंग कंपनी पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, ड्यूटी समय बढ़ाकर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक लगभग 12 घंटे कर दिया गया है। एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस और एसीईओ सुमित यादव रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों ने शहरवासियों से भी अपील की है कि वे स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें और कहीं भी कूड़ा दिखने पर संबंधित सुपरवाइजर को सूचित करें। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि ग्रेटर नोएडा की सफाई व्यवस्था को हर हाल में दुरुस्त रखा जाएगा और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।