बुधवार सुबह ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित पंचशील ग्रीन्स-2 सोसाइटी के बाहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्कूल बस का इंतजार कर रहे बच्चों को एक महिला की कार ने टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने जा रही थी। इसी दौरान सोसाइटी के गेट के पास अचानक कार अनियंत्रित हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला कथित रूप से मोबाइल फोन देख रही थी और इसी बीच गलती से ब्रेक की जगह एक्सीलेटर पर पैर पड़ गया। तेज रफ्तार कार ने सबसे पहले सड़क किनारे खड़ी दो स्कूटी को टक्कर मारी और उसके बाद वहां खड़े बच्चों व उनके परिजनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना गंभीर था कि एक बच्ची कार के नीचे फंस गई, जिसे मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बाहर निकाला। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए।
हादसे में पांच से अधिक बच्चे घायल हुए हैं, जबकि कुछ अभिभावकों को भी चोटें आई हैं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह स्कूल बस आने का समय होने के कारण गेट के बाहर बच्चों और अभिभावकों की भीड़ थी। इसी दौरान महिला चालक की कार अचानक तेज गति से आगे बढ़ी और कई लोगों को टक्कर मारती चली गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायल बच्चों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने में मदद की। घटना के बाद सोसाइटी में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। कई निवासियों ने स्कूल समय के दौरान सोसाइटी गेट पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक नियंत्रण की मांग भी उठाई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने कार चालक महिला से पूछताछ शुरू कर दी है तथा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा चालक की लापरवाही और वाहन पर नियंत्रण खोने के कारण हुआ माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों के आसपास सड़क सुरक्षा, मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए वाहन चलाने के खतरे और सोसाइटी गेट के बाहर ट्रैफिक प्रबंधन जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला दिया है। स्थानीय निवासी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि स्कूल बसों के निर्धारित समय पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, स्पीड कंट्रोल उपाय और सख्त यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।