प्रतीक भाटी 'बबली' बने समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष, गौतम बुद्ध नगर में संगठन को मिलेगी नई मजबूती
- sakshi choudhary
- 09 Jul, 2026
समाजवादी पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम फैसला लेते हुए गौतम बुद्ध नगर के ग्राम साकीपुर निवासी युवा नेता प्रतीक भाटी उर्फ 'बबली' को समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष रामकरन निर्मल द्वारा पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा, समर्पण और संगठनात्मक सक्रियता को देखते हुए की गई है। लंबे समय से पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने वाले प्रतीक भाटी को मिली इस नई जिम्मेदारी से जिले के समाजवादी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। पार्टी नेताओं का मानना है कि उनके नेतृत्व में गौतम बुद्ध नगर में लोहिया वाहिनी को नई ऊर्जा मिलेगी और संगठन की पकड़ और मजबूत होगी।
प्रतीक भाटी पिछले कई वर्षों से समाजवादी पार्टी के विभिन्न जन आंदोलनों, सामाजिक अभियानों और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। किसानों, मजदूरों, युवाओं और छात्रों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने लगातार संघर्ष किया है। वर्तमान में दादरी विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के नेता अक्षय चौधरी के नेतृत्व में चल रही 'दादरी परिवर्तन साइकिल यात्रा' में भी वह पूरी सक्रियता के साथ भागीदारी निभा रहे हैं। इसके अलावा गौतम बुद्ध नगर में छात्रों के शोषण, जनहित के मुद्दों, किसान आंदोलनों और धरना-प्रदर्शनों में भी उनकी अग्रिम भूमिका रही है। पार्टी के भीतर उनकी सक्रियता और जनसरोकारों से जुड़े कार्यों को देखते हुए यह नियुक्ति संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रतीक भाटी की नियुक्ति के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की। प्रमुख रूप से राजकुमार भाटी, इंदर प्रधान, सुधीर भाटी, जगबीर नंबरदार, अक्षय चौधरी, रोहित मत्ते गुर्जर, प्रशांत भाटी, मोहित नागर, हैप्पी पंडित और मनदीप भाटी सहित अनेक नेताओं एवं समर्थकों ने उन्हें बधाई दी। सभी ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में लोहिया वाहिनी गौतम बुद्ध नगर में संगठन का विस्तार तेज़ी से होगा, युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी और समाजवादी पार्टी की नीतियों को गांव-गांव तथा आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा। यह नियुक्ति आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और राजनीतिक अभियानों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।