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नोएडा में सीवर सफाई के दौरान सफाईकर्मी की मौत, सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल

नोएडा के गेझा गांव में मंगलवार देर शाम सीवर सफाई के दौरान एक दर्दनाक हादसे में सेक्टर-44 निवासी सफाईकर्मी शिवा की मौत हो गई।
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नोएडा के गेझा गांव में मंगलवार देर शाम सीवर सफाई के दौरान एक दर्दनाक हादसे में सेक्टर-44 निवासी सफाईकर्मी शिवा की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शिवा को बिना गैस जांच, पर्याप्त ऑक्सीजन व्यवस्था और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के सीवर लाइन में उतारा गया था। काफी देर तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने पुलिस व अग्निशमन विभाग को सूचना दी। पुलिस और फायर विभाग की टीम ने कई घंटों तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद शिवा को सीवर लाइन से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। समयरेखा के अनुसार कर्मचारी शाम करीब 3:50 बजे मैनहोल पर पहुंचे, 4 बजे सीवर में उतरे, 4:30 बजे तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली और रात करीब 8:40 बजे उन्हें बाहर निकाला जा सका। इस पूरे घटनाक्रम ने सीवर सफाई व्यवस्था और आपातकालीन बचाव प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण ने मामले में सख्त कार्रवाई का दावा किया है। प्राधिकरण के महाप्रबंधक आर.पी. सिंह ने बताया कि संबंधित ठेकेदार एम/एस शिवजी कंस्ट्रक्शंस कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने और उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही संबंधित जूनियर इंजीनियर राकेश कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जबकि संबंधित प्रबंधक के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि और वरिष्ठ प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि मृतक के परिजनों को नियमानुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं नोएडा सेंट्रल के एडीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिलने के बाद फेज-2 थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया। घटना के बाद कुछ समय तक कई लोगों के सीवर में फंसे होने की चर्चा रही, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि केवल एक सफाईकर्मी ही सीवर के भीतर था।

यह हादसा इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि अप्रैल 2025 में नोएडा प्राधिकरण ने दावा किया था कि सीवर लाइन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की सफाई अब कर्मचारियों के बजाय रोबोट और अत्याधुनिक मशीनों से कराई जाएगी। सीएसआर फंड से सीवर क्लीनिंग मशीन और होमसेप रोबोट उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई थी, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारी को सीवर में उतारने की नौबत कैसे आई, यह बड़ा सवाल बन गया है। इससे पहले मई 2024 में सेक्टर-26 में निजी सीवर सफाई के दौरान दो श्रमिकों की मौत, अगस्त 2025 में सेक्टर-115 स्थित सीवरेज पंपिंग स्टेशन में दो मजदूरों की मौत और सितंबर 2022 में सेक्टर-21 में निर्माण कार्य के दौरान चार मजदूरों की जान जाने जैसी घटनाएं भी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सीवर सफाई जैसे जोखिम भरे कार्यों में मशीनों का उपयोग, प्रशिक्षित सुपरवाइजर की मौजूदगी, गैस जांच, ऑक्सीजन की व्यवस्था और आपातकालीन रेस्क्यू सिस्टम अनिवार्य होना चाहिए। बार-बार हो रहे ऐसे हादसे यह सवाल खड़ा करते हैं कि आखिर सुरक्षा मानकों के पालन की निगरानी में लगातार चूक क्यों हो रही है।