Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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नोएडा में 'पारिवारिक साइबर ठगी' का बड़ा खुलासा! पति-पत्नी चला रहे थे फर्जी कॉल सेंटर

देशभर में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच नोएडा पुलिस ने एक बड़े संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना सेक्टर-63 पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पति-पत्नी समेत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
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देशभर में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच नोएडा पुलिस ने एक बड़े संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना सेक्टर-63 पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पति-पत्नी समेत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मौके से मिले 44 टेलीकॉलर्स को पूछताछ और कानूनी औपचारिकताओं के बाद नोटिस देकर छोड़ दिया गया। पुलिस के अनुसार यह गिरोह सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को वर्क फ्रॉम होम, पार्ट-टाइम जॉब और ऑनलाइन प्रोडक्ट प्रमोशन के नाम पर आकर्षक कमाई का लालच देता था। शुरुआत में पीड़ितों को छोटे-छोटे भुगतान कर उनका भरोसा जीता जाता था, लेकिन बाद में सिक्योरिटी डिपॉजिट, अपग्रेडेशन फीस और निवेश के नाम पर लाखों रुपये वसूलकर संपर्क तोड़ दिया जाता था। पुलिस को लंबे समय से इस फर्जी कॉल सेंटर की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया।


जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह बेरोजगार युवाओं को अच्छी सैलरी और इंसेंटिव का लालच देकर कॉल सेंटर में नौकरी पर रखता था। इन कर्मचारियों का काम लोगों को फोन कर ऑनलाइन कमाई की योजनाओं के बारे में बताना और उन्हें पैसे निवेश करने के लिए प्रेरित करना था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान कई लैपटॉप, डेस्कटॉप कंप्यूटर, मोबाइल फोन, कॉलिंग स्क्रिप्ट, ग्राहक सूची, डेटा शीट और अन्य डिजिटल दस्तावेज बरामद किए हैं। सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और कितनी रकम अवैध रूप से जुटाई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कॉल सेंटर का संचालन पूरी तरह सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था और साइबर ठगी को एक संगठित कारोबार का रूप दिया गया था।


एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह ने बताया कि पुलिस अपराध में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की पहचान कर उन्हें फ्रीज करने की कार्रवाई कर रही है। डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच जारी है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके। नोएडा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन नौकरी, पार्ट-टाइम कमाई, निवेश या प्रोडक्ट प्रमोशन से जुड़े आकर्षक ऑफर पर बिना सत्यापन भरोसा न करें और किसी भी अनजान खाते में पैसा ट्रांसफर करने से पहले पूरी जांच अवश्य करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराए। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे संगठित गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।