Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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ग्रेटर नोएडा के 7 गांवों के प्राथमिक विद्यालयों का होगा कायाकल्प, 3 करोड़ रुपये से सुधरेगी शिक्षा व्यवस्था

ग्रेटर नोएडा में ग्रामीण शिक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है।
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ग्रेटर नोएडा में ग्रामीण शिक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने सात गांवों के प्राथमिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार और आधारभूत सुविधाओं के विकास का कार्य शुरू कर दिया है। इस परियोजना पर लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण, सुरक्षित भवन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। जिन गांवों के विद्यालयों का कायाकल्प किया जाएगा उनमें गिरधरपुर, घंघोला, खानपुर, सिरसा, बिरोंडा, सलेमपुर गुर्जर और बाला की मड़ैया शामिल हैं। लंबे समय से इन विद्यालयों में मरम्मत और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिसे अब प्राधिकरण ने प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्णय लिया है।


परियोजना के तहत प्रत्येक विद्यालय की आवश्यकता के अनुसार नए कक्षों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा पुराने भवनों की मरम्मत, रंगाई-पुताई, फर्श, छत, दीवारों और अन्य आवश्यक संरचनात्मक सुधार कार्य भी कराए जाएंगे। इससे विद्यालयों का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और छात्रों को पढ़ाई के लिए अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण मिलेगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-8 के वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह ने बताया कि सभी सात विद्यालयों में कार्य शुरू हो चुका है और इसे तय समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं का मजबूत होना बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ यह विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

प्राधिकरण का मानना है कि बेहतर स्कूल भवन और आधुनिक सुविधाएं विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि बढ़ाने के साथ-साथ उनकी नियमित उपस्थिति को भी प्रोत्साहित करेंगी। सुरक्षित कक्षाएं, साफ-सुथरा परिसर और बेहतर शैक्षणिक वातावरण ग्रामीण शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे ग्रामीण विकास और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक कदम बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्राथमिक स्तर पर मजबूत आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तो बच्चों के समग्र विकास और शिक्षा के बेहतर परिणाम देखने को मिलते हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह परियोजना न केवल स्कूलों की तस्वीर बदलेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित होगी।