Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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शारदा यूनिवर्सिटी की अनोखी हरित पहल: 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत लगाए गए 500 पौधे

ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी ने पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व सम्मान को एक साथ जोड़ते हुए 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत नॉलेज पार्क कैंपस में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। छात्र कल्याण विभाग और एस्टेट विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस अभियान में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने मिलकर 500 पौधे लगाए।
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ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी ने पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व सम्मान को एक साथ जोड़ते हुए 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत नॉलेज पार्क कैंपस में भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। छात्र कल्याण विभाग और एस्टेट विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस अभियान में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने मिलकर 500 पौधे लगाए। इनमें नीम, पीपल, जामुन, अमरूद, आम समेत कई उपयोगी और पर्यावरण के लिए लाभकारी प्रजातियां शामिल रहीं। इन पौधों का चयन उनके औषधीय गुणों, वायु शुद्धिकरण क्षमता, जैव विविधता को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य लाभों को ध्यान में रखते हुए किया गया। नीम जहां प्राकृतिक औषधि और प्रदूषण नियंत्रण के लिए जाना जाता है, वहीं पीपल चौबीसों घंटे ऑक्सीजन छोड़ने की अपनी विशेषता के कारण बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जामुन, अमरूद और आम जैसे फलदार वृक्ष न केवल पोषण प्रदान करते हैं बल्कि पर्यावरण संतुलन और सामुदायिक कल्याण में भी अहम भूमिका निभाते हैं।


कार्यक्रम के दौरान शारदा यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर श्री वाई.के. गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्कूलों और विश्वविद्यालयों को छात्रों के भीतर वृक्षारोपण के प्रति जागरूकता और पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी विकसित करनी चाहिए। उनका मानना है कि यदि शिक्षा को प्रकृति से जोड़ा जाए तो आने वाली पीढ़ियां पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक संवेदनशील बनेंगी। वहीं, वाइस चांसलर डॉ. सिबाराम खारा ने कहा कि केवल पेड़ लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने छात्रों से पौधों को रिश्तों से जोड़कर अपनाने की अपील की ताकि उनकी सुरक्षा और संरक्षण की भावना लंबे समय तक बनी रहे। उनका मानना है कि इस तरह की पहल समाज में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति सकारात्मक सोच भी विकसित करती है।


इस हरित अभियान में डॉ. आर.सी. सिंह, डॉ. राजीव गुप्ता, डॉ. प्रमोद कुमार, एस्टेट हेड सुश्री सत्यम, डॉ. यशोधरा, डॉ. अन्विति गुप्ता सहित विभिन्न डीन, विभागाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों ने पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लिया। 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान ने यह संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। शारदा यूनिवर्सिटी की यह पहल न केवल परिसर को अधिक हरित बनाएगी, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और मातृत्व सम्मान जैसे महत्वपूर्ण मूल्यों को भी मजबूती प्रदान करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देशभर के शैक्षणिक संस्थान इस प्रकार के अभियानों को नियमित रूप से अपनाएं, तो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और हरित भारत के निर्माण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव हो सकता है।