ग्रेटर नोएडा में भूजल दोहन और नकली खाद्य सामग्री के खिलाफ अगस्त क्रांति आंदोलन, CM के नाम सौंपा ज्ञापन
- sakshi choudhary
- 07 Aug, 2026
ग्रेटर नोएडा में अगस्त क्रांति 2026 के अवसर पर करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने भूजल दोहन और नकली खाद्य सामग्री की बिक्री के विरोध में जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गौतम बुद्ध नगर में लगातार हो रहे भूजल दोहन तथा मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर नाराजगी जताई। प्रदर्शन के बाद संगठन की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी अरुण कुमार को सौंपा गया। संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय और आलोक नागर ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र में निजी बिल्डरों द्वारा बड़े पैमाने पर भूजल का दोहन किया जा रहा है। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद भूजल संरक्षण के लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रामीण क्षेत्रों में नकली दूध, घी, पनीर, खोया, मिठाइयों और अन्य मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। संगठन का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और दूषित सामग्री की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिए। मास्टर दिनेश नागर ने बताया कि दादरी, सूरजपुर, बिलासपुर, दनकौर, रबूपुरा, जेवर, नोएडा के विभिन्न सेक्टरों, ग्रेटर नोएडा, तुगलपुर, कासना, जगत फार्म समेत जनपद के कई इलाकों में कथित तौर पर मिलावटी खाद्य सामग्री खुलेआम बेची जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन से आम नागरिकों के साथ-साथ बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। संगठन ने प्रशासन से नियमित जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बलराज हूंन, दिनेश मास्टर, शिवकुमार कसाना, प्रेमराज भाटी, दुलीचंद नागर, पवन यादव, लखमी पंडित, आकाश नागर जग्गू प्रमुख, कमल नागर, राजे नागर, नबाब सिंह नागर, सुशील नागर, नितिन नागर, मोहित नागर, महेश नागर, निशांत तिवारी, तेजवीर चौहान, विजय प्रताप, मलखान यादव, वरुण नागर, शेखर नागर, शादीराम, हुकुम सिंह, पुष्पेंद्र पंडित और राजपाल भाटी सहित कई लोग मौजूद रहे। संगठन ने मांग की कि गौतम बुद्ध नगर में भूजल दोहन पर प्रभावी निगरानी, अवैध दोहन करने वालों पर कार्रवाई और नकली व मिलावटी खाद्य सामग्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों और आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए।